नोएडा, 28 मार्च (UNS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नागरिकों से वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुटता और समर्पण का आह्वान करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 1.4 अरब देशवासियों का सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख किया और कहा कि भारत इस संकट का पूरी शक्ति और विश्वास के साथ सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के हितों की रक्षा और परिवारों तथा किसानों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मोदी ने कहा, “पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से युद्ध जारी है और यह पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे समय में हमें शांत मन, धैर्य और एकजुटता के साथ इस संकट का सामना करना होगा। जो भारतीयों और भारत के हित में है, वही हमारी सरकार की नीति और रणनीति है।”
प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि संकट के समय ऐसी बयानबाजी से बचें, जो देश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि राजनीति के लिए गलत सूचना और अफवाहें फैलाने वालों को जनता कभी माफ नहीं करती।
उन्होंने यह भी बताया कि संसद में स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई है और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया है। मोदी ने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी कुछ लोगों ने वैक्सीन को लेकर भ्रम फैलाया था, लेकिन जनता ने ऐसी राजनीति को नकार दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के बावजूद भारत ने विकास की गति को बनाए रखा है और पश्चिम एशिया से उत्पन्न चुनौतियों का मजबूती से सामना कर रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत कच्चे तेल और गैस के लिए संघर्षग्रस्त क्षेत्रों पर निर्भर है, इसलिए सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है कि इसका बोझ आम परिवारों और किसानों पर न पड़े।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की यात्रा में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेगा तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
मोदी ने कहा कि यह हवाई अड्डा नोएडा, अलीगढ़, आगरा, मथुरा समेत कई जिलों को लाभ पहुंचाएगा और इसे सड़क, रेल, मेट्रो तथा क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों से जोड़कर एक बहु-मोडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2003 में इस हवाई अड्डे को मंजूरी मिलने के बावजूद वर्षों तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य में भाजपा-राजग की सरकार बनने के बाद ही परियोजना को गति मिली और अब इसका पहला चरण पूरा हो गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में 74 हवाई अड्डे थे, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 160 से अधिक हो गई है। सरकार ने आम नागरिकों की पहुंच में हवाई यात्रा सुनिश्चित करने के लिए ‘उड़ान’ योजना शुरू की, जिसके तहत अब तक 1.6 करोड़ से अधिक लोगों ने किफायती किराए पर यात्रा की है।
प्रधानमंत्री ने किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि गन्ने से बने एथनॉल के कारण कच्चे तेल पर निर्भरता कम हुई है और देश की बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
उन्होंने कहा, “किसी भी देश में हवाई अड्डा केवल एक सुविधा नहीं होता, बल्कि यह प्रगति और विकास की उड़ान का प्रतीक होता है।”
