लखनऊ, 24 मार्च 2026 (यूएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के असर के बीच देश में एलपीजी संकट की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश में डीजल और पेट्रोल की कमी को लेकर फैली अफवाहों ने लोगों में घबराहट पैदा कर दी है, जिसके चलते कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और लोग टंकियां फुल कराने में जुट गए।
राज्य के विभिन्न जिलों में पैनिक बाइंग जैसे हालात देखने को मिले। लोग अपनी जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने लगे, वहीं कई जगहों पर गैलनों में भी पेट्रोल-डीजल का भंडारण किया गया। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
अम्बेडकरनगर में जिला प्रशासन ने प्रेसवार्ता कर स्थिति साफ करते हुए कहा कि जिले में डीजल का स्टॉक सामान्य खपत से करीब ढाई गुना अधिक है, जबकि पेट्रोल की उपलब्धता भी लगभग दोगुनी है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। साथ ही चेतावनी दी कि ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अयोध्या में अफवाहों के कारण हालात अधिक गंभीर नजर आए। पेट्रोल पंपों पर बाइक और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंचे। कुछ स्थानों पर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस और निजी सुरक्षा कर्मियों की मदद से व्यवस्था संभालनी पड़ी।
छावनी क्षेत्र स्थित कुमार फिलिंग स्टेशन के प्रबंधक शिवम गोस्वामी के अनुसार, मंगलवार को 12 हजार लीटर तेल की आपूर्ति हुई थी, लेकिन अफवाह के चलते मांग अचानक कई गुना बढ़ गई। सामान्य दिनों में जहां 5-6 हजार लीटर बिक्री होती थी, वहीं पिछले तीन दिनों से खपत दोगुनी हो गई है।
इसी तरह विक्रमजोत, शंकरपुर, जमौलिया और छावनी क्षेत्र के अन्य पेट्रोल पंपों पर भी भारी भीड़ देखी गई। दुबौलिया के खुशहालगंज स्थित राम-जानकी फिलिंग स्टेशन पर रातभर अफरा-तफरी का माहौल रहा, जहां लोग अतिरिक्त ईंधन जमा करने में जुटे रहे।
बलरामपुर में भी स्थिति प्रभावित हुई, जहां कुछ पेट्रोल पंप बंद होने की खबरें सामने आईं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों ने जनता से संयम बरतने, अफवाहों से दूर रहने और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन लेने की अपील की है, ताकि कृत्रिम संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
