लखनऊ, 11 मार्च। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण को मंजूरी दी है। इन विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की पढ़ाई एक ही परिसर में उपलब्ध होगी।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद सहित बहराइच, चंदौली, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, फतेहपुर, गाजियाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, कौशांबी, फर्रूखाबाद, अमेठी और उन्नाव सहित कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए शासनादेश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक विद्यालय परियोजना पर लगभग 23 से 28 करोड़ रुपये तक की लागत स्वीकृत की गई है और प्रथम किश्त के रूप में संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि भी जारी कर दी गई है।
संदीप सिंह ने कहा कि इन विद्यालयों की स्थापना से विद्यार्थियों को एक ही परिसर में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिलें। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के अवसर प्राप्त होंगे।
इन विद्यालयों का निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग, कंसल्टेंसी एंड डिजाइन सर्विसेज (उ.प्र. जल निगम), उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम तथा उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद जैसी कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
