लखनऊ, 11 मार्च। प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने दो महत्वपूर्ण मंदिरों के विकास और सौंदर्यीकरण की योजना शुरू की है। इसके तहत करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के पर्यटन विकास पर कुल 3.46 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संगम नगरी प्रयागराज देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग लोकप्रिय तीर्थस्थलों के साथ-साथ कम प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
उन्होंने बताया कि करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 1.64 करोड़ रुपये से अधिक तथा सोरांव स्थित दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 1.82 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

परियोजना के तहत फलाहिरी बाबा मंदिर के लिए 40 लाख रुपये और दुर्गा मंदिर के लिए 45 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इस योजना में मंदिर परिसरों का सौंदर्यीकरण, आधुनिक लाइटिंग, भव्य प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ्लोरिंग युक्त मार्ग, बैठने के लिए बेंच, स्वच्छ शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, डस्टबिन, साइनेज और म्यूरल आर्ट जैसे कार्य कराए जाएंगे।
जयवीर सिंह ने कहा कि प्रयागराज सदियों से आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र रहा है और यह अयोध्या तथा काशी के साथ बनने वाले “स्पिरिचुअल ट्रायंगल” का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का प्रयास है कि प्रसिद्ध तीर्थस्थलों के साथ-साथ कम चर्चित धार्मिक स्थलों का भी समग्र विकास किया जाए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में करीब 69 करोड़ पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने प्रयागराज का भ्रमण किया, जबकि माघ मेला 2026 में लगभग 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन ने जिले में बढ़ते धार्मिक पर्यटन की सकारात्मक तस्वीर पेश की है।
