लखनऊ, 6 मार्च। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) की ओर से सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस मिल गया है, जिससे यहां से उड़ानों के संचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा क्लीयरेंस मिलने के बाद अब अगला चरण नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करना है। यह लाइसेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू किया जा सकेगा।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली इस परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ाया गया है। सरकार का लक्ष्य जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे आधुनिक और बड़े हवाई अड्डों में शामिल करना है, जो प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन से पहले सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच अनिवार्य होती है। इसके तहत बीसीएएस की टीम ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली, एक्सेस कंट्रोल, यात्रियों और कार्गो की जांच प्रणाली सहित कई महत्वपूर्ण पहलुओं का निरीक्षण किया। सभी मानकों के अनुरूप पाए जाने के बाद ही सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस प्रदान किया गया।
डीजीसीए लाइसेंस के बाद शुरू होंगी उड़ानें
सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद अब डीजीसीए द्वारा एयरोड्रम लाइसेंस जारी किया जाएगा। यह लाइसेंस मिलने के बाद ही किसी एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन संभव होता है। अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में होगा शामिल
सरकार के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई चरणों में विकसित किया जा रहा है। पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद यह देश ही नहीं, बल्कि एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होगा। इसकी क्षमता प्रतिवर्ष करोड़ों यात्रियों को संभालने की होगी।
सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट के शुरू होने से उत्तर प्रदेश में निवेश, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। साथ ही हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और प्रदेश वैश्विक एविएशन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ सकेगा।
