तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। पिछले 90 घंटों से अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई तथा ईरान की जवाबी हमलों के कारण क्षेत्र में भारी तबाही की खबरें हैं। विभिन्न स्रोतों के अनुसार अब तक 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों घायल बताए जा रहे हैं।
इसी बीच ईरान की ओर से शांति वार्ता की संभावनाओं को लेकर नई अटकलें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान की खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी खुफिया एजेंसी Central Intelligence Agency (CIA) से संपर्क साधने की कोशिश की है। हालांकि इस संबंध में अमेरिकी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ट्रंप का बयान: “बातचीत के लिए देर हो चुकी”
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अब बातचीत के लिए बहुत देर हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत को गंभीर क्षति पहुंचाई गई है।
ट्रंप के अनुसार ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, वायु सेना और नौसेना को भारी नुकसान हुआ है और अमेरिका अपने सैन्य अभियान को जारी रखेगा। उनका कहना था कि “अब ईरान बातचीत की बात कर रहा है, लेकिन अमेरिका अपने उद्देश्यों को पूरा किए बिना पीछे नहीं हटेगा।”
गुप्त संपर्क की खबर, लेकिन संशय बरकरार
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान के खुफिया मंत्रालय ने अप्रत्यक्ष चैनलों के माध्यम से CIA तक संदेश पहुंचाया है, जिसमें संघर्ष समाप्त करने के संभावित रास्तों पर चर्चा की इच्छा जताई गई है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों का मानना है कि यह पहल अंतरराष्ट्रीय दबाव कम करने की रणनीति भी हो सकती है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिकी और इजराइली सैन्य कार्रवाई से ईरान को भारी नुकसान हुआ है और अभियान अभी शुरुआती चरण में है।
ईरान में राजनीतिक अनिश्चितता
इस संघर्ष के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबरों ने राजनीतिक हालात को और जटिल बना दिया है। आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन यदि यह सच साबित होता है तो देश में नेतृत्व को लेकर बड़ी अनिश्चितता पैदा हो सकती है।
संभावित उत्तराधिकारियों में मोजतबा खामेनेई का नाम चर्चा में है। वहीं निर्वासित राजकुमार Reza Pahlavi ने विदेशों में रह रहे ईरानियों से अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की अपील की है।
क्षेत्रीय असर और बढ़ता मानवीय संकट
ईरान और लेबनान में जारी हमलों के कारण नागरिक ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अस्पतालों, ऊर्जा ठिकानों और सैन्य अड्डों पर हमलों की खबरें हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है, लेकिन जमीनी हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण हैं।
क्या ईरान की कथित पहल वास्तव में शांति की दिशा में पहला कदम है या रणनीतिक दबाव की चाल—यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल मध्य पूर्व में हालात अनिश्चित और विस्फोटक बने हुए हैं।
