लखनऊ, 18 फरवरी 2026। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आगामी विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ने की अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें गुमराह करने वाली “फेक न्यूज” करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी अगला चुनाव अपने दम पर ही लड़ेगी और इस विषय पर किसी भी तरह की अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है।
मायावती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह चर्चा जानबूझकर फैलायी जा रही है कि बसपा उत्तर प्रदेश में गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह “झूठ, मनगढ़ंत और हवा-हवाई” खबर है जिसका उद्देश्य जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को भ्रमित करना है। उन्होंने मीडिया और राजनीतिक वर्ग से अपील की कि वे इस तरह की खबरों को बढ़ावा न दें।
बसपा प्रमुख ने कहा कि वह पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर चुकी हैं कि पार्टी अपने बलबूते चुनाव लड़ेगी। उन्होंने विशेष रूप से नौ अक्टूबर 2025 को बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित महारैली का उल्लेख करते हुए कहा कि उस मंच से भी यह घोषणा की जा चुकी है।
मायावती ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और मीडिया का एक वर्ग साजिश के तहत इस तरह की खबरें फैला रहा है ताकि बसपा कार्यकर्ताओं का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने कहा कि पार्टी को गठबंधन से हमेशा नुकसान हुआ है, इसलिए 2027 का विधानसभा चुनाव पूरी ताकत के साथ अकेले ही लड़ा जाएगा।
उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इन दलों की सोच संकीर्ण है और इनका आंबेडकरवादी होने का दावा केवल चुनावी स्वार्थ से प्रेरित है। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और संगठन को मजबूत करने में जुटे रहें।
मायावती ने दिल्ली में आयोजित ‘एआई समिट’ पर भी परोक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि देशहित और जनहित के गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बजाय कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सफलता की कुंजी बताने वाली बहसें चल रही हैं, जबकि आम जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
दिल्ली में उन्हें आवंटित टाइप-आठ बंगले को लेकर उठे सवालों पर भी उन्होंने सफाई दी। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते सुरक्षा कारणों से उन्हें पहले भी इस श्रेणी का आवास मिलता रहा है और इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, विरोधी दल विभिन्न हथकंडे अपनाकर पार्टी को कमजोर करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे “हाथी की मस्त चाल” की तरह आगे बढ़ें और 2007 की तरह पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनावी तैयारी में जुट जाएं।
