राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने लखनऊ विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से मुलाकात की

लखनऊ, 18 फरवरी (RNN)- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) संबंधी नये नियमों को लेकर जारी बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। भागवत का लखनऊ विश्वविद्यालय का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब देश में यूजीसी संबंधी नये नियमों को लेकर चर्चा जारी है।

लखनऊ विश्वविद्यालय में भी इन नियमों के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। सूत्रों ने बताया कि संघ प्रमुख ने विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं और संकाय सदस्यों से मुलाकात की। कार्यक्रम से पहले कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के सदस्यों ने भागवत के विश्वविद्यालय के दौरे के खिलाफ प्रदर्शन किया।

एनएसयूआई की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष अहमद रजा खान ने आरोप लगाया कि संगठन का यह प्रदर्शन भागवत के लखनऊ विश्वविद्यालय आगमन के विरोध में था। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ ने समाज के ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया है, ऐसे में संघ प्रमुख का एक ऐसे विश्वविद्यालय में जाना सही नहीं है जो धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। प्रदर्शन में शामिल रहे खान ने कहा कि उनके साथ शामिल हुए पांच और लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। एक पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों को स्थानीय हसनगंज थाने ले जाया गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में रखा गया। उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख का कार्यक्रम खत्म होने के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि शाम को भागवत इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों से बातचीत करेंगे। गत 29 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने शिक्षण संस्थानों में जाति के आधार पर भेदभाव को रोकने के लिए हाल ही में लाए गए यूजीसी के नये नियमों पर रोक लगा दी थी।

अदालत ने कहा था कि यह नियम पहली नजर में स्पष्ट नहीं हैं और यह समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय में भी हाल में यूजीसी के नये नियमों के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। इसके मद्देनजर भागवत के यहां के छात्रों से संवाद करना अहम माना जा सकता है।

इससे पहले, मंगलवार को भागवत ने निराला नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में ‘सामाजिक सद्भाव’ सभा को संबोधित करते हुए यूजीसी के विवादास्पद नियमों के मुद्दे पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि सभी को कानून का पालन करना चाहिए। यूजीसी नियमों को लेकर हुए विवाद का जÞक्रि करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई कानून गलत पाया जाता है तो उसे बदलने के लिए एक संवैधानिक प्रणाली मौजूद है।

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