वाराणसी, 30 जनवरी – ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए शुक्रवार को कहा कि वह 40 दिनों के भीतर गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर अपने ‘हिंदू प्रेमी’ होने की प्रतिबद्धता साबित करें।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज प्रशासन द्वारा संगम में स्नान करने से रोके जाने के विरोध में 18 जनवरी से जारी अपने धरने को शुक्रवार को औपचारिक रूप से समाप्त करने के बाद वाराणसी में संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही।
उन्होंने कहा,
“जब मैं प्रयागराज में 11 दिन तक धरने पर बैठा रहा, तब किसी भी अधिकारी ने मुझे स्नान करने के लिए नहीं कहा। अब बहुत देर हो चुकी है। मैं अगले वर्ष माघ मेले में जाऊंगा और सम्मान के साथ संगम स्नान करूंगा।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा,
“हमसे हमारी पहचान का प्रमाण मांगा गया और हमने उसे प्रस्तुत कर दिया। अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू प्रेमी होने का प्रमाण देना होगा। वह 40 दिनों में गोहत्या पर रोक लगाकर यह साबित करें।”
उन्होंने कहा कि हिंदू होने की पहली सीढ़ी गो-प्रेम है।
“गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित किया जाए और उत्तर प्रदेश से गोमांस के निर्यात पर पूरी तरह रोक लगे, तभी हम मानेंगे कि सरकार वास्तव में हिंदू हितैषी है,” उन्होंने कहा।
इस बीच, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की।
अजय राय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने ज्योतिषपीठाधीश्वर से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने लिखा कि इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे भी मौजूद थे।
राय ने अपने पोस्ट में कहा,
“संत, सनातन और भारतीय संस्कृति के सम्मान व मर्यादा की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती और निष्ठा के साथ खड़ी है।”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
