शाहजहांपुर, 29 जनवरी: शहर को फाइलेरिया जैसी गंभीर, संक्रामक और आजीवन विकलांगता उत्पन्न करने वाली बीमारी से मुक्त कराने के उद्देश्य से नगर निगम ने अभियान को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में नगर निगम सभागार में महापौर श्रीमती अर्चना वर्मा की अध्यक्षता में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग की टीम और नगर निगम के पार्षदगण उपस्थित रहे।
बैठक में शहरी क्षेत्र में संचालित फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कम कवरेज वाले वार्डों की पहचान करते हुए वहां विशेष रणनीति के तहत अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। तय किया गया कि इन वार्डों में पार्षदों की सक्रिय भागीदारी से घर-घर दवा सेवन सुनिश्चित कराया जाएगा।
महापौर के निर्देश पर यह भी निर्णय लिया गया कि वार्ड चौपालों के माध्यम से आमजन को फाइलेरिया के कारण, बचाव, दवा सेवन की अनिवार्यता और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही शहर के प्रमुख एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, वार्ड कार्यालयों तथा भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) राउंड तक माइकिंग के माध्यम से लगातार प्रचार-प्रसार किए जाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि महापौर एवं नगर निगम के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से फाइलेरिया उन्मूलन से संबंधित जानकारियां नियमित रूप से साझा की जाएंगी। वहीं झुग्गी-झोपड़ी एवं स्लम क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रह जाए।
पूरे अभियान की निरंतर निगरानी नगर आयुक्त द्वारा की जाएगी, जिससे अभियान में पारदर्शिता, गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनी रहे।
बैठक में डॉ. मनोज मिश्रा (एनएसए), डॉ. नूपुर रायजादा (डीओ-पीसीआई), श्वेता सक्सेना (एसएमसी-पीसीआई) सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती अर्चना वर्मा ने कहा,
“फाइलेरिया जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम जनता का सामूहिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। नगर निगम इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।”
