योगी–मोदी सरकार वाराणसी की विरासत को नष्ट कर रही है: कांग्रेस ने मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास की आलोचना की

नयी दिल्ली, 16 जनवरी –  कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि “योगी–मोदी सरकार” वाराणसी की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को पूरी तरह नष्ट कर रही है। पार्टी ने मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य को तत्काल रोकने की मांग करते हुए कहा कि आगे की किसी भी कार्रवाई से पहले शहर के धार्मिक नेताओं और समाज के प्रतिनिधियों से परामर्श किया जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी नेता अभय दुबे के साथ आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राज्य की “योगी–मोदी सरकार” केवल हिंदुत्व का दिखावा करती है, जबकि वास्तव में वह धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2023 में मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण कार्य की आधारशिला रखी थी, लेकिन सौंदर्यीकरण के नाम पर घाट को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।”

अजय राय ने कहा कि मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और पवित्र श्मशान घाटों में से एक है। मान्यता है कि यहां दाह संस्कार करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, जिससे इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुनर्विकास योजना के तहत चल रहे विध्वंस अभियान से घाट की ऐतिहासिक पहचान और परंपरागत स्वरूप को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुनर्विकास कार्य के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की एक शताब्दी पुरानी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि, जिला प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है। वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बुधवार को कहा था कि संस्कृति विभाग ने सभी कलाकृतियों को सुरक्षित कर लिया है और कार्य पूर्ण होने के बाद उन्हें उनके मूल स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सौंदर्यीकरण का उद्देश्य घाट पर स्वच्छता और स्थान प्रबंधन में सुधार करना है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में शवों का दाह संस्कार होता है।

अजय राय ने आरोप लगाया कि बाबा विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के नाम पर “मॉल” का निर्माण किया गया और इसके लिए हजारों वर्ष पुराने मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि अक्षयवट वृक्ष को काटकर नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट, जिसका जीर्णोद्धार लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने कराया था, वहां लगी प्रतिमाओं को भी भाजपा सरकार ने तोड़ दिया है।

कांग्रेस ने मांग की कि मणिकर्णिका घाट पर जारी पुनर्विकास कार्य को तत्काल रोका जाए और धार्मिक नेताओं से व्यापक विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए। राय ने दालमंडी क्षेत्र में चल रहे विध्वंस कार्य को भी रोकने और प्रभावित लोगों के समुचित पुनर्वास की मांग की। उन्होंने कहा, “कांग्रेस बनारस में ऐसे गलत कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेगी। हम जनता के साथ मजबूती से खड़े हैं और इस सरकार का डटकर सामना करेंगे।”

वहीं, कांग्रेस नेता अभय दुबे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मणिकर्णिका घाट को नुकसान पहुंचाकर भगवान शिव और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का अपमान किया है। उन्होंने इसे “जघन्य अपराध” करार देते हुए कहा कि यह सब प्रधानमंत्री के इशारे पर किया गया है।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने इससे पहले भी मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला किया था। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री केवल “नामपट्टिका लगाने” के लिए ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना चाहते हैं। वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा था कि विकास के नाम पर, चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए, देश की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को नष्ट करना “घोर पाप” है।

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