आई-पैक पर ईडी छापे के दौरान सबूत हटाने का आरोप, ममता बनर्जी पर केंद्रीय एजेंसी का दावा

नयी दिल्ली, आठ जनवरी । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कथित कोयला तस्करी से जुड़े धनशोधन मामले में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जबरन परिसर में दाखिल हुईं और दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित “महत्वपूर्ण” सबूत अपने साथ ले गईं।

संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री साल्ट लेक स्थित आई-पैक कार्यालय भी पहुंचीं, जहां उनके सहयोगियों और राज्य पुलिस की मौजूदगी में कथित तौर पर मौके से दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हटा लिए गए। ईडी का आरोप है कि इस हस्तक्षेप से धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही जांच और कार्रवाई में बाधा उत्पन्न हुई।

ईडी ने बताया कि यह धनशोधन मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा वर्ष 2020 में अनूप मांझी उर्फ ‘लाला’ के नेतृत्व वाले कोयला तस्करी गिरोह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। एजेंसी के अनुसार, इस सिलसिले में पश्चिम बंगाल के छह और दिल्ली के चार सहित कुल 10 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

सीबीआई का आरोप है कि गिरोह ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स की खदानों और पश्चिम बर्धमान जिले के कोयला क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला खनन कर उसकी तस्करी की। ईडी के मुताबिक, कोयला तस्करी से जुड़े एक हवाला कारोबारी ने आई-पैक की पंजीकृत कंपनी इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को करोड़ों रुपये के लेनदेन में सुविधा प्रदान की।

एजेंसी ने दावा किया कि आई-पैक भी हवाला धन से जुड़े संगठनों में से एक है। ईडी के अनुसार, मुख्यमंत्री के बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचने तक छापेमारी की कार्रवाई शांतिपूर्ण और पेशेवर ढंग से चल रही थी।

ईडी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने आई-पैक के सह-संस्थापक और तृणमूल कांग्रेस के आईटी सेल प्रमुख प्रतीक जैन के आवासीय परिसर में प्रवेश कर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित अहम सबूत अपने साथ ले लिए। एजेंसी का कहना है कि मुख्यमंत्री और कोलकाता पुलिस आयुक्त के कदमों से जांच प्रक्रिया में बाधा आई।

बयान में ईडी ने स्पष्ट किया कि तलाशी कार्रवाई साक्ष्य-आधारित है और किसी राजनीतिक दल या प्रतिष्ठान को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं की जा रही है। एजेंसी ने कहा कि किसी भी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई है और यह कार्रवाई किसी चुनाव से संबंधित नहीं है।

ईडी ने जोर देकर कहा कि यह धनशोधन के खिलाफ नियमित कार्रवाई का हिस्सा है और स्थापित कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही की जा रही है।

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