राहुल गांधी ने भाजपा पर सत्ता के केंद्रीकरण का आरोप लगाया, स्थानीय निकाय चुनाव में यूडीएफ की जीत की सराहना की

राहुल गांधी

कोच्चि, 19 जनवरी । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सत्ता के केंद्रीकरण का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस विकेंद्रीकरण में विश्वास रखती है।

यहां स्थानीय निकाय चुनाव में निर्वाचित कांग्रेस सदस्यों की एक ‘महापंचायत’ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधन लागू किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने मनरेगा पर “हमला” किया, क्योंकि यह योजना स्थानीय संस्थानों के माध्यम से लागू की जाती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान की रक्षा का अर्थ जमीनी स्तर पर विकेंद्रीकृत शासन की रक्षा करना भी है। गांधी ने कहा कि लोकतंत्र का मूल सिद्धांत यह है कि वोट नागरिकों की आवाज है और इस आवाज की सुरक्षा की जानी चाहिए।

राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा और आरएसएस केंद्रीकरण के समर्थक हैं, जबकि कांग्रेस विकेंद्रीकरण की पक्षधर है। उन्होंने कहा, “वे भारत के लोगों की आवाज नहीं चाहते, बल्कि लोगों से अनुपालना चाहते हैं।”

एक पुरस्कार समारोह में वरिष्ठ मलयालम लेखिका एम. लीलावती के साथ हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए गांधी ने कहा कि 98 वर्षीय लेखिका ने “चुप्पी की संस्कृति” की बात की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस के वैचारिक हमले का उद्देश्य लोगों को चुप कराने के लिए मजबूर करना है।

उन्होंने कहा, “वे चाहते हैं कि भारत चुप रहे। वे नहीं चाहते कि भारत अपनी बात व्यक्त करे। वे इस देश की संपत्ति को कुछ चुनिंदा व्यापारिक घरानों को सौंपना चाहते हैं।” गांधी ने आरोप लगाया कि देश की संपत्ति को कुछ लोगों के हाथों में केंद्रित करने के लिए जनता को चुप कराना जरूरी है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केरल के लोगों को चुप नहीं कराया जा सकता और वे चुनावों के माध्यम से अपनी आवाज उठाएंगे। राहुल गांधी ने केरल में स्थानीय निकाय चुनावों, विशेषकर पंचायत स्तर पर शानदार प्रदर्शन के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ ने स्थानीय स्वशासन के सभी स्तरों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है और पंचायत चुनाव के नतीजों पर खुशी जताई। गांधी ने बताया कि दिल्ली में कुछ बैठकों के दौरान वरिष्ठ नेताओं की राय अलग-अलग थी, लेकिन उन्हें विश्वास था कि कांग्रेस स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनाव जीतेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ नेतृत्व के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जीत के बाद वे क्या करेंगे। गांधी ने कहा, “राज्य में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है और यूडीएफ तथा कांग्रेस को इसका समाधान देना होगा।”

उन्होंने विश्वास जताया कि यूडीएफ नेतृत्व में लोगों की जरूरतों को समझने और उन्हें पूरा करने की क्षमता है। गांधी ने कहा कि किसी भी सरकार की सफलता के लिए जनता के करीब रहना और उनसे जुड़ना आवश्यक है, और उन्हें पूरा भरोसा है कि कांग्रेस और यूडीएफ का नेतृत्व विनम्र रहेगा तथा जनता से जुड़ा रहेगा।

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