नयी दिल्ली, 20 जनवरी — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को नितिन नवीन को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि पार्टी से जुड़े मामलों में यह युवा नेता अब उनके ‘बॉस’ होंगे। मोदी ने कहा कि एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में वह नए अध्यक्ष को अपने काम का लेखा-जोखा सौंप चुके हैं और अब उनके मार्गदर्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 45 वर्षीय नितिन नवीन को युवा ऊर्जा और संगठनात्मक अनुभव का संगम बताते हुए उन्हें एक “मिलेनियल” नेता करार दिया, जो पार्टी के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। अपने करीब 40 मिनट के संबोधन में मोदी ने बार-बार नवीन को ‘माननीय’ कहकर संबोधित किया और पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को नए अध्यक्ष के समक्ष अपने कार्यकाल की रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जब बात पार्टी के विषयों की आती है, तब माननीय नितिन नवीन जी… मैं एक कार्यकर्ता हूं और आप मेरे बॉस हैं।” उन्होंने कहा कि नितिन नवीन का दायित्व केवल भाजपा का नेतृत्व करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है।
सभा में राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह, जेपी नड्डा सहित वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। मोदी ने कहा, “उनका हर शब्द हमें नई दिशा देगा और उनका मार्गदर्शन हमारी भविष्य की कार्ययोजना के लिए अमूल्य धरोहर होगा।”
नितिन नवीन को संगठन पर्व के समापन पर भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। इस दौरान बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक विभिन्न पार्टी पदों के लिए चुनाव संपन्न हुए। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए अध्यक्ष उस पीढ़ी से आते हैं, जिसने बचपन में रेडियो पर समाचार सुने और आज कृत्रिम मेधा (एआई) के उपयोग में दक्ष है। उन्होंने कहा, “नितिन जी में युवा ऊर्जा और व्यापक अनुभव दोनों हैं।”
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि घुसपैठिए देश के लिए गंभीर खतरा हैं और उनकी पहचान कर उन्हें वापस भेजना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अपनी गलतियों से सबक लेने में विफल रही है। मोदी ने 1984 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने तब 400 से अधिक सीटें जीती थीं, लेकिन आज वह 100 सीटों का आंकड़ा पार करने के लिए संघर्ष कर रही है।
मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कांग्रेस की उन प्रवृत्तियों की पहचान करने को कहा, जिन्होंने उसे आत्म-विनाश के कगार पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने पतन की समीक्षा इसलिए नहीं की, क्योंकि उसे डर था कि इससे पार्टी पर काबिज परिवार पर सवाल उठेंगे। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के बाद भी अपने प्रदर्शन की निष्पक्ष समीक्षा करती है और जहां जरूरत होती है, वहां सुधार करती है।
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के हालिया निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी अपनी उपलब्धियों पर संतोष करके नहीं बैठती, बल्कि अगले चुनावों की तैयारी में जुट जाती है। उन्होंने कहा, “भाजपा एक परंपरा है, एक परिवार है। यहां पद व्यवस्था है, लेकिन काम जीवनभर की जिम्मेदारी है। अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श और दिशा नहीं बदलती।”
मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में भाजपा की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे नेताओं के नेतृत्व में भाजपा ने संगठनात्मक मजबूती के साथ लगातार विस्तार किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने अपनी यात्रा एक अलग पहचान वाली पार्टी के रूप में शुरू
