दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही योगी सरकार

लखनऊ, 9 मार्च 2026। प्रदेश में दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी तरीके से काम कर रही है। इसी क्रम में सोमवार को सचिवालय स्थित नवीन भवन में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, वित्तीय उपलब्धियों और लाभार्थियों तक पहुंच की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचे और इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि ये दोनों विश्वविद्यालय दिव्यांगजन के लिए उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं और इन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडल स्तर पर कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रम और प्रचार-प्रसार अभियान चलाकर विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक सुविधाओं और पाठ्यक्रमों की जानकारी दिव्यांग छात्रों तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकें।

उन्होंने दोनों विश्वविद्यालयों में रिक्त शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने और निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि योजनाओं की सफलता का वास्तविक पैमाना तभी तय होता है जब उसका सीधा लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। उन्होंने जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और अपेक्षित प्रगति न करने वाले जिलों में जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन द्वारा न्यायालयों में लंबित मामलों और उनके निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना के तहत अब तक 11,98,725 दिव्यांगजन लाभान्वित हो चुके हैं। कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 13,395 लाभार्थियों को सहायता दी गई है। वहीं कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के तहत 22,672 दिव्यांगजनों को 26,830 विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों को निःशुल्क यात्रा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 232 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें अब तक 94,040 लाभार्थियों को 188.08 करोड़ रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।

इसके साथ ही छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत भी व्यापक स्तर पर सहायता प्रदान की गई है। पूर्वदशम छात्रवृत्ति और दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के माध्यम से कुल 25,98,344 छात्रों को 1,586.59 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना भी संचालित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 34,892 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सहभागिता के सभी क्षेत्रों में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है, ताकि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिल सकें।

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