मुंबई, 26 फरवरी। महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने राज्य सरकार को उस विमान दुर्घटना से संबंधित सभी तथ्य सदन के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिसमें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार की मृत्यु हुई थी। सदन में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के सदस्यों के बीच तीखी चर्चा हुई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सदस्य शशिकांत शिंदे ने 28 जनवरी को बारामती में हुई विमान दुर्घटना पर स्थगन प्रस्ताव लाते हुए विस्तृत चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने संदेह व्यक्त किया है तथा मामले की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है।
शिंदे ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उड़ान सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन के कारण वीएसआर वेंचर्स के चार विमानों के संचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। यही कंपनी उस लियरजेट-45 विमान का संचालन कर रही थी, जो दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के बावजूद कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न होना संदेह उत्पन्न करता है।
विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को आधिकारिक बयान जारी करने और दुर्घटना से संबंधित तथ्य सदन के पटल पर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की चिंताओं को दूर करने के लिए पारदर्शिता आवश्यक है।
सदन में अन्य सदस्यों ने भी जांच की स्थिति, विमानन कंपनी के निवेशकों और दुर्घटना के संभावित कारणों को लेकर प्रश्न उठाए। कुछ सदस्यों ने केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग दोहराई और कहा कि मामले में स्पष्टता लाना आवश्यक है।
इसी मुद्दे से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में कुछ विधायकों ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कराने के अनुरोध पर उचित कार्रवाई नहीं की। इस पर भी सदन में चर्चा हुई और प्रशासनिक जवाबदेही पर प्रश्न उठे।
राज्य सरकार से अब अपेक्षा है कि वह दुर्घटना की परिस्थितियों, जांच की प्रगति और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सदन के समक्ष प्रस्तुत करे। यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीरता से देखा जा रहा है।
