मतदाता सूची से नाम हटाने का बदला लेने के लिए मतदान करें : ममता बनर्जी

शमशेरगंज (पश्चिम बंगाल), पांच अप्रैल (UNS): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने रविवार को मतदाताओं से उन लोगों की ओर से बदला लेने के लिए मतदान करने का आह्वान किया, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।

ममता बनर्जी ने उन लोगों से न्यायाधिकरण के समक्ष अपील करने का भी आग्रह किया, जिनके नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “लोगों के नाम हटाए जाने का बदला लेने और एसआईआर के खिलाफ अपना वोट डालें, ताकि परिणाम इसे प्रतिबिंबित कर सकें।”

मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चार मई को मतगणना तक सतर्क रहने का निर्देश दिया। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाने के पीछे उनका हाथ है। बनर्जी ने चुनौती देते हुए कहा, “अगर आपमें हिम्मत है तो सीधे मुकाबला करें।”

मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि कुछ स्थानों पर ईवीएम मशीनों को जानबूझकर खराब किया जा सकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मशीनों की मरम्मत के बजाय उन्हें बदलने की मांग करें।

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने शमशेरगंज में पार्टी उम्मीदवार मोहम्मद नूर आलम और फरक्का से उम्मीदवार मोहम्मद अमीरुल इस्लाम के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उनके खिलाफ झूठी अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने वक्फ (संशोधन) अधिनियम के कार्यान्वयन के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया है। मुर्शिदाबाद जिले में इस अधिनियम के विरोध के दौरान हिंसा की घटनाएं हुई थीं, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। भाजपा ने तृणमूल पर जिले के विभिन्न हिस्सों में हिंसक आंदोलन भड़काने का आरोप लगाया था।

ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर मतदाता सूची से “कुछ लोगों के नाम हटाने और कुछ अन्य लोगों को डराने-धमकाने” का आरोप लगाया और सवाल किया कि विधानसभा चुनाव 2024 के आम चुनावों में इस्तेमाल की गई मतदाता सूचियों के आधार पर क्यों नहीं कराए जा सकते।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि वह और उनकी पार्टी एनआरसी के नाम पर निरुद्ध शिविरों की स्थापना कभी नहीं होने देंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में रह रहे बंगाल के प्रवासी श्रमिकों को बांग्लादेशी बताकर निर्वासित किया जा रहा है।

भवानीपुर में मतदाता सूची से 40,000 नाम हटाए जाने का दावा करते हुए बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों को वोट देने का अवसर मिलेगा, वे तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर समाज में जहर फैला रही है, जबकि धर्म मानवता का प्रतीक है।

टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जनता के लिए काम करने वालों को ही उम्मीदवार बनाया जाएगा। उन्होंने फरक्का से मौजूदा विधायक मनीरुल इस्लाम से नामांकन पत्र वापस लेने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि पार्टी के फैसले का अनादर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए 294 सीटों में से 74 सीटों पर अपने उम्मीदवार बदले हैं, जिससे कुछ मौजूदा विधायकों में असंतोष देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मुस्लिम मतों को बांटने के लिए पश्चिम बंगाल में कुछ लोगों के साथ मिलकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन को लाने की कोशिश की है।

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