उप्र: मथुरा समेत कई जिलों में धूमधाम से मनायी गयी राम नवमी, मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और धार्मिक आयोजन

मथुरा/वाराणसी/हापुड़ (उप्र), 27 मार्च (RNN)। उत्तर प्रदेश के मथुरा, वाराणसी समेत कई जिलों के प्रमुख मंदिरों में शुक्रवार को राम नवमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रामायण पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, वहीं वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं द्वारा भगवान श्रीराम की आरती उतारकर विश्व शांति का संदेश दिया गया।

मथुरा के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में ठाकुर जी का महाभिषेक भगवान राम के रूप में किया गया। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि यह आयोजन गोस्वामी तुलसीदास की भावनाओं को स्मरण करने के लिए किया गया। मान्यता है कि तुलसीदास की करुणामयी प्रार्थना सुनकर भगवान कृष्ण उनके सामने भगवान राम के रूप में प्रकट हुए थे।

वृंदावन के चंद्रोदय मंदिर के पदाधिकारियों के अनुसार, यह दिन मंदिर के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि लगभग 20 वर्ष पूर्व राम नवमी के दिन ही राधा-वृंदावन चंद्र की स्थापना की गई थी। इसी अवसर पर मथुरा के श्री कृष्ण जन्मस्थान में रामचरितमानस का पाठ संपन्न हुआ। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भगवत भवन में मंत्रोच्चार के बीच राम-सीता मंदिर में भगवान राम का विधिपूर्वक महाभिषेक किया गया और ठाकुर केशव देव जी ने भगवान श्रीराम के रूप में भक्तों को आशीर्वाद दिया।

मथुरा के ऐतिहासिक बिरला मंदिर में भी राम जन्मोत्सव के अवसर पर सुबह यज्ञ और धार्मिक पाठ का आयोजन किया गया। मुख्य पुजारी आचार्य रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना की।

वाराणसी में राम नवमी के अवसर पर राम मंदिरों और देवी मंदिरों में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए गए। राम मंदिरों में रामायण पाठ, सुंदरकांड और अन्य धार्मिक कार्यक्रम सुबह से ही शुरू हो गए, जबकि देवी मंदिरों में कन्या पूजन और यज्ञ कर नवरात्र का पारण किया गया। नागरिक संघ की ओर से राजेंद्र प्रसाद घाट पर भगवान श्रीराम की भव्य आरती की गई, जिसमें कई कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।

विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में वाराणसी में हिंदू और मुस्लिम महिलाओं ने मिलकर भगवान श्रीराम और माता जानकी की मूर्तियों की आरती उतारकर आपसी सद्भाव और विश्व शांति का संदेश दिया। मुस्लिम महिला नेता डॉ. नजमा प्रवीण ने कहा कि यदि दुनिया के देश भगवान राम के आदर्शों पर चलें, तो शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

उधर, हाथरस जिले के सहपऊ कस्बे में चैत्र नवरात्र के दौरान रामलीला मंचन की विशेष परंपरा निभाई जा रही है। यहां करीब 180 वर्षों से दशहरे की तरह चैत्र नवरात्र में ही रामलीला का आयोजन होता है। रामलीला एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि इस वर्ष 28 मार्च, शनिवार को हनुमान टीला पर रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

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