प्रशिक्षण, पारदर्शिता और समन्वय से ग्रामीण विकास को नई रफ्तार: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 18 मार्च 2026, RNN : केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित भुगतान तत्काल किया जाए और उपलब्ध बजट का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी धनराशि लैप्स न हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गति तेज करना सरकार की प्राथमिकता है।

उपमुख्यमंत्री ने 7-कालिदास मार्ग स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्राम्य विकास और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य ग्राम्य विकास संस्थान अपनी क्षमता बढ़ाकर हर माह कम से कम 1 लाख प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय करे। प्रशिक्षण में बायोमेट्रिक उपस्थिति और गुणवत्ता पर विशेष जोर देने को कहा गया।

सड़कों की गुणवत्ता में सुधार पर जोर
मौर्य ने पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों के निर्माण में आधुनिक तकनीकों, विशेषकर एफडीआर तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों का निर्माण प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए ठेकेदारों की कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।

भुगतान प्रणाली में सुधार
बैठक में बताया गया कि ‘स्पर्श प्रणाली’ के माध्यम से भुगतान अब तेज और सुगम हो गया है। सीसीएल का 100 प्रतिशत और मेंटेनेंस का 90 प्रतिशत से अधिक भुगतान पूरा किया जा चुका है।

खाद्य प्रसंस्करण से बढ़ेगा ग्रामीण रोजगार
उपमुख्यमंत्री ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ समन्वय कर महिलाओं, विशेषकर स्वयं सहायता समूहों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा और गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने ‘मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना’ के तहत प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन पर फोकस करने तथा इसके लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने को कहा।

प्रशिक्षण और जागरूकता पर फोकस
मौर्य ने लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, ललितपुर, देवरिया और कासगंज में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में महिलाओं को प्रशिक्षण देकर यूनिट स्थापित कराने के निर्देश दिए। साथ ही, जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने और योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष चौपाल आयोजित करने को कहा।

मनरेगा और बीसी सखी को बढ़ावा
उन्होंने मनरेगा श्रमिकों के भुगतान के लिए बीसी सखी मॉडल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, ताकि मजदूरों को उनके घर या कार्यस्थल पर ही भुगतान मिल सके और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिले।

राष्ट्रीय एकीकरण पर पहल
राष्ट्रीय एकीकरण विभाग को निर्देश दिया गया कि एक टीम हरियाणा भेजकर वहां के मॉडल का अध्ययन करे और उसी आधार पर प्रदेश में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए योजनाएं तैयार की जाएं।

बैठक में राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, प्रशिक्षण और विभागीय समन्वय के जरिए ग्रामीण विकास को नई दिशा दी जाएगी।

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