टीएमसी ने केवल राष्ट्रपति मुर्मू ही नहीं, बल्कि आदिवासियों और संविधान का भी अपमान किया : मोदी

कोलकाता, 14 मार्च । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करके “सभी हदें पार करने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने न केवल देश की राष्ट्रपति का अपमान किया बल्कि देश के आदिवासियों और संविधान का भी अनादर किया है।

राष्ट्रपति की हालिया उत्तर बंगाल यात्रा को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने यह आरोप लगाए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “टीएमसी ने केवल राष्ट्रपति का अपमान नहीं किया, बल्कि देश के आदिवासियों, इस देश के लोगों और संविधान का भी अपमान किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करके टीएमसी ने सभी हदें पार कर दी हैं।”

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू राज्य में संथाल आदिवासी महोत्सव में भाग लेने के लिए आई थीं, लेकिन राज्य सरकार ने कार्यक्रम पर कोई ध्यान नहीं दिया।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के शासन में आदिवासी, दलित और गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

मोदी ने कहा, “इस निर्मम सरकार के तहत सबसे ज्यादा अत्याचार झेलने वालों में यहां के दलित, आदिवासी और हमारे गरीब भाई-बहन शामिल हैं। आदिवासी समुदाय के साथ अन्याय की बात से कोई इनकार नहीं कर सकता, लेकिन अब टीएमसी सरकार ने सभी हदें पार कर दी हैं।”

उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन पहले हमारे देश की राष्ट्रपति, आदिवासी समुदाय की सम्मानित बेटी द्रौपदी मुर्मू जी बंगाल आई थीं। उन्हें संथाल आदिवासी परंपरा के पवित्र उत्सव में हिस्सा लेना था, लेकिन अहंकार से भरी सरकार ने न केवल उस कार्यक्रम का बहिष्कार किया बल्कि उसे अराजकता में बदल दिया।”

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इतने उच्च पद पर आसीन आदिवासी समुदाय की एक बेटी का सम्मान टीएमसी के लोग स्वीकार नहीं कर पाए।

राष्ट्रपति मुर्मू के कथित अपमान को लाखों आदिवासियों और महिलाओं का अपमान बताते हुए मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता संविधान और डॉ. भीमराव आंबेडकर के अपमान के लिए टीएमसी सरकार को जवाबदेह ठहराएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आदिवासियों और दलितों पर कई प्रकार के अत्याचार हुए हैं और यह स्थिति चिंताजनक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में लगभग 18,680 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कहा कि राज्य से भारत के विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विकास को नई गति मिलेगी और व्यापार, उद्योग तथा उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में परियोजनाओं की शुरुआत करने के बाद मोदी ने कहा, “कोलकाता से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। इन परियोजनाओं से लाखों लोगों का जीवन आसान होगा और उन्हें नए अवसर मिलेंगे।”

उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से पूर्वी भारत की परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने कहा, “सड़क, रेल और बंदरगाह से जुड़ी ये नई परियोजनाएं बंगाल के आधुनिक भविष्य के लिए नए रास्ते खोल रही हैं।”

मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं का लाभ किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों और छात्रों सहित समाज के सभी वर्गों को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इनसे पर्यटन क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय उद्यमों व सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं कि बंगाल, जिसने कभी पूरे भारत को रास्ता दिखाया था, एक बार फिर विकसित राज्य बने और अपना गौरव पुनः प्राप्त करे।”

उन्होंने कहा कि मजबूत संपर्क और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित बंगाल की नींव बनेगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने खड़गपुर–मोरग्राम एक्सप्रेसवे की आधारशिला भी रखी। उन्होंने कहा कि इसके पूरा होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को तेजी मिलेगी।

मोदी ने 231 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले खड़गपुर–मोरग्राम आर्थिक गलियारे की आधारशिला रखी, जिससे इन दोनों स्थानों के बीच की दूरी लगभग 120 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा समय में करीब सात से आठ घंटे की बचत होगी।

अधिकारियों के अनुसार यह सड़क खड़गपुर से सिलीगुड़ी के बीच बन रहे आर्थिक गलियारे का हिस्सा है, जो पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, हुगली, पूर्वी बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों से होकर गुजरेगी।

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