नयी दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत-अमेरिका के प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के तहत अमेरिका को होने वाले लगभग 44 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात पर शून्य जवाबी शुल्क लगेगा। उन्होंने बताया कि इस अंतरिम व्यापार समझौते पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
गोयल ने बताया कि भारत और अमेरिका एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क में कटौती करेंगे। इस समझौते के अनुसार, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले शुल्क को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जबकि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर आयात शुल्क समाप्त या कम करेगा।
इन अमेरिकी उत्पादों में सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं। गोयल ने संवाददाताओं से कहा, “लगभग 44 अरब डॉलर मूल्य का भारतीय निर्यात अमेरिका को शून्य जवाबी शुल्क पर जाएगा।”
उन्होंने बताया कि करीब 30 अरब डॉलर मूल्य की भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत शुल्क लागू रहेगा, जिनमें श्रम-प्रधान क्षेत्रों के उत्पाद शामिल हैं। वहीं, 12 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं—जैसे इस्पात, तांबा और कुछ वाहन घटक—पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन उत्पादों पर अमेरिका में 50 प्रतिशत शुल्क सभी देशों पर समान रूप से लागू होता है, इसलिए इससे केवल भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित नहीं होगी।
गोयल ने कहा कि शुल्क में कमी से कपड़ा, परिधान, चमड़ा और जूते-चप्पल जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के निर्यात को तत्काल बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अंतरिम समझौते को शीघ्र ही प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की पहली किस्त के रूप में अंतिम रूप दिया जाएगा। यह समझौता वर्ष 2030 तक 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हुआ यह समझौता “बहुत ही निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित” है। इसके तहत अमेरिका एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 25 प्रतिशत जवाबी शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जो जल्द ही जारी होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, जेनेरिक दवाओं, विमान के पुर्जों, वाहन घटकों सहित कई भारतीय उत्पादों पर शून्य प्रतिशत शुल्क लागू होगा।
गोयल ने कहा कि इस समझौते से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में भारतीय निर्यात के लिए व्यापक अवसर खुलेंगे। यह एमएसएमई, किसानों, मछुआरों, युवाओं, महिलाओं और भारत के कुशल श्रमिकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। किसानों और मछुआरों को अमेरिकी बाजार में अपनी उपज के बेहतर दाम मिल सकेंगे।
उन्होंने बताया कि भविष्य में कपड़ा और परिधान, रत्न एवं आभूषण, मशीनरी के पुर्जे, खिलौने, चमड़ा व जूते-चप्पल, घरेलू सजावट, स्मार्टफोन और कृषि से जुड़े कई क्षेत्रों में तेज वृद्धि देखने को मिलेगी।
वाणिज्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों की पूरी सुरक्षा की है और इन क्षेत्रों में कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है। इनमें कृषि उत्पाद, मांस, पोल्ट्री, सभी डेयरी उत्पाद, जीएम खाद्य उत्पाद, सोया मील, मक्का, अनाज, मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, चौलाई), फल जैसे केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी और खट्टे फल शामिल हैं। इसके अलावा हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, पशु आहार के कुछ उत्पाद, मूंगफली, शहद, माल्ट व उसके अर्क, गैर-अल्कोहल पेय, आटा, स्टार्च, आवश्यक तेल, ईंधन के लिए एथनॉल और तंबाकू भी संरक्षित सूची में शामिल हैं।
