लखनऊ, 17 मार्च , RNN। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग अब अल्पज्ञात और कम चर्चित धार्मिक स्थलों को विकसित कर उन्हें पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में राजधानी के सरोजनी नगर स्थित प्राचीन जलसाई नाथ मंदिर का व्यापक सौंदर्यीकरण और विकास किया जा रहा है।
करीब 89.82 लाख रुपये की इस परियोजना के तहत 60 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। योजना के पूर्ण होने के बाद मंदिर का स्वरूप अधिक आकर्षक और आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिल सकेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर में यात्री हॉल, शीट रूफिंग युक्त शेड, बैठने के प्लेटफॉर्म, स्टील रेलिंग, आरसीसी बेंच और इंटरलॉकिंग टाइल्स जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइट, स्वच्छ पेयजल और बागवानी कार्य के माध्यम से परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
आस्था और इतिहास का केंद्र
जनश्रुतियों के अनुसार, जलसाई नाथ मंदिर लगभग 200 वर्ष पुराना स्वयंभू शिव मंदिर माना जाता है। यह लंबे समय से स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
अन्य मंदिरों का भी हो रहा विकास
पर्यटन विभाग केवल प्रमुख तीर्थ स्थलों ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य प्राचीन मंदिरों के विकास पर भी ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में चौक क्षेत्र के कोनेश्वर महादेव मंदिर और बारा बिरवा स्थित संत रविदास मंदिर सहित कई स्थलों को विकसित किया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन में तेजी
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के चलते लखनऊ में वर्ष 2025 के दौरान 1.71 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जिनमें 38 हजार से ज्यादा विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रख सके।
