बिरसा मुंडा का जीवन और उनका बलिदान आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं: उपराष्ट्रपति

रांची/खूंटी, 28 मार्च (UNS)। उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने झारखंड के खूंटी जिले के उलिहातु गांव में आदिवासी नायक ” बिरसा मुंडा” की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन और बलिदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।

उपराष्ट्रपति ने बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु का दौरा किया और उनके वंशजों से बातचीत भी की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि उपराष्ट्रपति बनने के बाद एक बार फिर इस पवित्र जन्मभूमि की यात्रा करना उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण रहा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय जनजातीय विरासत के प्रति राष्ट्रीय जागरूकता और गौरव बढ़ाने वाला कदम साबित हुआ है।

उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्हें उस अवसर पर प्रधानमंत्री के साथ मौजूद रहने का सौभाग्य मिला था, जब विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण के उद्देश्य से पीएम-जनमन योजना की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की समृद्ध विरासत और उनके संघर्षों के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता पैदा करना समय की आवश्यकता है।

इससे पहले उपराष्ट्रपति रांची पहुंचे, जहां झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और राज्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने उनका स्वागत किया।

उपराष्ट्रपति ने भारतीय प्रबंध संस्थान रांची के 15वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को जीवन में शॉर्टकट अपनाने से बचने और चरित्र निर्माण, ईमानदारी तथा नैतिक नेतृत्व को प्राथमिकता देने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि प्रबंधन शिक्षा को केवल ‘बोर्डरूम’ और ‘बैलेंस शीट’ तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

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