विकसित भारत की संकल्पनाओं को समर्पित बजट है, जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 11 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में नेता सदन श्री केशव प्रसाद मौर्य ने वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत की संकल्पनाओं को समर्पित तथा जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट माननीय प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें नारीशक्ति, किसान, युवा और समाज के सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास को गति देगा और प्रदेश को खुशहाली के मार्ग पर आगे बढ़ाएगा। केंद्र सरकार के कर्तव्य आधारित ढांचे को अंगीकृत करते हुए प्रदेश में निरंतर एवं संतुलित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी प्रमुख क्षेत्रों में समुचित धनराशि का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि बजट में किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार, श्रमिक हित, कानून-व्यवस्था, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, औद्योगिक विकास, एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, सड़क एवं सेतु, सिंचाई एवं जल संसाधन, ग्रामीण जलापूर्ति, आवास एवं शहरी नियोजन, ऊर्जा, नगर विकास, धर्मार्थ कार्य, संस्कृति, पर्यटन, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, कृषि विपणन, खाद्य प्रसंस्करण, गन्ना विकास, पशुधन, मत्स्य, सहकारिता, शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, वन एवं पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, राजस्व और परिवहन सहित सभी क्षेत्रों में व्यापक प्रावधान किए गए हैं।

ग्राम्य विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण पर विशेष बल

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तुत बजट में ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से गांवों के समग्र विकास, रोजगार सृजन और आवास सुनिश्चित करने के लिए 25,550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

                   मनरेगा हेतु 5,544 करोड़ रुपये

                  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन हेतु 4,580 करोड़ रुपये

                  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 6,102 करोड़ रुपये

                प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु 822 करोड़ रुपये

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक 36 लाख 56 हजार आवास लक्ष्य के सापेक्ष 36 लाख 37 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के क्रियान्वयन हेतु 300 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लिए 478 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे कृषकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य, मूल्य संवर्धन और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

संतुलित और समावेशी विकास का संकल्प

श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, किसानों की आय वृद्धि और आमजन की खुशहाली के लिए यह संतुलित बजट है।

उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे के सुदृढ़ीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार को प्रोत्साहन, खेल एवं युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसर जैसे प्रावधान उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।

उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह बजट गरीब, गांव, किसान और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर बनाया गया है। यह सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने वाला बजट है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश न केवल राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा, बल्कि समावेशी और टिकाऊ विकास के प्रभावी मॉडल के रूप में देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

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