यूपी में अब एक साथ नहीं होगी स्कूलों की छुट्टी, बदला गया समय; 20 शहरों में नई गाइडलाइन लागू

लखनऊ, 09 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खासतौर पर स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के समय लगने वाले जाम को देखते हुए नई गाइडलाइन जारी की गई है।

प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने “सिटी रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन स्कीम” के तहत 20 शहरों के 172 प्रमुख मार्गों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इसके तहत अब स्कूलों और आसपास के कार्यालयों की छुट्टी एक साथ नहीं होगी, बल्कि उनके समय में कम से कम 15 मिनट का अंतर रखा जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत व्यस्त चौराहों और तिराहों के 100 मीटर दायरे को पूरी तरह खाली रखना अनिवार्य होगा। इस क्षेत्र में सवारी बैठाने या उतारने पर रोक रहेगी। पीक टाइम में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और रूट मार्शल की व्यवस्था भी लागू की जाएगी, ताकि ट्रैफिक सुचारु रूप से चलता रहे।

यह गाइडलाइन प्रदेश के 20 बड़े शहरों—लखनऊ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, कानपुर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर सहित अन्य शहरों में लागू की जाएगी।

राजधानी लखनऊ में कई प्रमुख मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिनमें जुनाबगंज से चारबाग, अयोध्या रोड से चारबाग, बख्शी का तालाब से पॉलिटेक्निक, मड़ियांव से हजरतगंज, ट्रांसपोर्टनगर से कमता और अवध चौराहा से दुबग्गा जैसे रूट शामिल हैं।

एक सर्वे के अनुसार, लखनऊ के कुछ प्रमुख मार्गों पर पीक टाइम में यात्रा का समय 10 से 15 गुना तक बढ़ जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों का मानना है कि स्कूल और दफ्तर एक साथ बंद होने के कारण ही जाम की स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है।

डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, छुट्टी के समय में अंतर रखने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सड़कों पर आवागमन सुगम बनेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उम्मीद जताई जा रही है कि इस नई व्यवस्था से छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुचारु हो सकेगी।

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