लखनऊ। सरोजनीनगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर “AI साथी – वरिष्ठ नागरिक डिजिटल सशक्तिकरण मिशन” शुरू करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिया है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) युग में सक्षम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।
डॉ. सिंह ने अपने प्रस्ताव में कहा कि उत्तर प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस तेजी से बढ़ रही है, जहां पेंशन, डीबीटी, राशन, स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय लेन-देन जैसी अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक डिजिटल व्यवस्था से पीछे छूटते जा रहे हैं, जो एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रही है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में साइबर अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसमें करीब 75 प्रतिशत मामले वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े हैं। वरिष्ठ नागरिक इस प्रकार के अपराधों के सबसे संवेदनशील वर्ग बनते जा रहे हैं। साथ ही, आने वाले वर्षों में प्रदेश में 4 से 5 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों के डिजिटल सेवाओं पर निर्भर होने का अनुमान है।
इसी संदर्भ में डॉ. सिंह ने “AI साथी” मिशन का खाका प्रस्तुत किया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को Safe (सुरक्षित), Smart (सक्षम) और AI-enabled (आत्मनिर्भर) बनाने पर जोर दिया गया है।
प्रस्तावित योजना के तहत हाइब्रिड प्रशिक्षण मॉडल लागू करने का सुझाव दिया गया है। इसके अंतर्गत बैंक, जनसुविधा केंद्र और राशन दुकानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, वहीं गांव और शहर स्तर पर नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे। प्रशिक्षण में साइबर सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं का उपयोग और AI आधारित तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। “यूज़-बेस्ड लर्निंग” के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाएगा।
डॉ. सिंह ने यह भी सुझाव दिया कि इस अभियान में स्थानीय संसाधनों—जैसे बैंक मित्र, पंचायत कर्मचारी, जनसुविधा केंद्र और पुलिस बीट स्टाफ—को सूचना प्रदाता के रूप में जोड़ा जाए, ताकि यह पहल जमीनी स्तर पर प्रभावी हो सके।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन और अन्य सुविधाओं में वृद्धि की भी मांग की और संबंधित विभागों को एक व्यवहारिक एवं स्थायी कार्यान्वयन मॉडल तैयार करने के निर्देश देने का आग्रह किया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने लखनऊ में इस मिशन के पायलट प्रोजेक्ट, राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के गठन और 12 से 18 महीनों में चरणबद्ध विस्तार का सुझाव भी दिया है।
उन्होंने कहा, “वरिष्ठ नागरिकों को केवल डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें डिजिटल और AI युग का सक्रिय भागीदार बनाना आवश्यक है। तभी समावेशी विकास का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा।”
