रुपया 89 पैसे लुढ़ककर अब तक के सबसे निचले स्तर 94.85 प्रति डॉलर पर बंद

मुंबई, 27 मार्च (UNS)। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 94.85 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण घरेलू मुद्रा पर लगातार दबाव बना हुआ है।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते डॉलर मजबूत बना हुआ है, जिससे रुपये की कमजोरी बढ़ी है। इसके अलावा ऊर्जा आधारित महंगाई के जोखिम और डॉलर की बढ़ती मांग भी रुपये पर दबाव डाल रही है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 94.18 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान पहली बार 94.50 के स्तर को पार कर गया। अंत में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.85 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 89 पैसे की गिरावट दर्शाता है। इससे पहले बुधवार को रुपया 20 पैसे टूटकर 93.96 प्रति डॉलर के अपने पुराने रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। राम नवमी के कारण बृहस्पतिवार को शेयर, विदेशी मुद्रा, जिंस और सर्राफा बाजार बंद रहे थे।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारत के आयात खर्च पर दबाव बढ़ रहा है, जिसके चलते रुपये में कमजोरी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आती, तब तक रुपये पर दबाव जारी रहने की संभावना है।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत बढ़कर 99.94 पर पहुंच गया।

घरेलू शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 1,690.23 अंक यानी 2.25 प्रतिशत टूटकर 73,583.22 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 486.85 अंक यानी 2.09 प्रतिशत फिसलकर 22,819.60 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.69 प्रतिशत बढ़कर 110.92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने शुक्रवार को 4,367.30 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की।

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