सरोजनीनगर में आरएसएस का भव्य पथ संचलन, 5000 स्वयंसेवकों की भागीदारी

सरोजनीनगर/लखनऊ। सरोजनीनगर स्थित सैनिक स्कूल मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तत्वावधान में रविवार को भव्य पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 5000 से अधिक स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस अवसर पर सैकड़ों पार्टी पदाधिकारियों एवं मातृशक्ति द्वारा स्वयंसेवकों का स्वागत और अभिनंदन किया गया, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत नजर आया।

इस अवसर पर सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा समाज जीवन में संगठन, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा के संस्कारों को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पथ संचलन उसी कार्य का सशक्त और प्रेरणादायक प्रतिबिंब है।

उन्होंने कहा कि अनुशासन, समरसता और “राष्ट्र प्रथम” की भावना से ओतप्रोत स्वयंसेवकों का यह सुव्यवस्थित संचलन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों की एकजुटता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया। यह दृश्य सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम का प्रेरणादायक उदाहरण बना।

क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किला मोहम्मदी ड्रेन रिमॉडलिंग परियोजना के लिए 176 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस परियोजना से आशियाना सहित आसपास के क्षेत्रों की लगभग ढाई लाख आबादी को जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि वृंदावन योजना में 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से एआई सिटी सेंटर परियोजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिससे सरोजनीनगर क्षेत्र आने वाले समय में डिजिटल विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही, क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विधायक ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा रहे हैं तथा बालिकाओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से क्षेत्र में महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई है।

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