चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को राहत, अभी जेल नहीं भेजेगी दिल्ली उच्च न्यायालय

4.25 करोड़ जमा, अपील पर अंतिम फैसला करेगा हाईकोर्ट; सजा 1 अप्रैल तक निलंबित

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल : चेक बाउंस मामले में दोषसिद्धि का सामना कर रहे अभिनेता राजपाल यादव को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी सजा को 1 अप्रैल तक के लिए निलंबित रखते हुए साफ किया है कि इस दौरान उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा।

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत मुख्य याचिका पर विचार कर रही है और अंतिम फैसला बाद में सुनाया जाएगा। अदालत ने यह भी माना कि यादव ने मामले में “पर्याप्त” रकम जमा कर दी है, ऐसे में फिलहाल उन्हें हिरासत में भेजने का कोई औचित्य नहीं बनता।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, “मैं आपकी मुख्य याचिका सुन रही हूं। अभी उन्हें जेल नहीं भेजा जा रहा है। उन्होंने बड़ी रकम का भुगतान किया है, इस मामले पर फैसला किया जाएगा।”

अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि यादव अब तक करीब 4.25 करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं और नियमित रूप से पेश हो रहे हैं। ऐसे में उनके फरार होने की आशंका भी नहीं है।

मामले में शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने सजा निलंबन के खिलाफ लंबित आवेदन का जिक्र किया, हालांकि अदालत ने कहा कि अगली तारीख पर यह भी देखा जाएगा कि जमा राशि किसे दी जानी चाहिए।

यादव के वकील ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल 25 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी साथ लेकर आया है, जिसे जमा किया जाएगा।

यह मामला परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दर्ज चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है।

गौरतलब है कि यादव और उनकी पत्नी ने सत्र न्यायालय के 2019 के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा 2018 में सुनाई गई दोषसिद्धि को बरकरार रखा गया था।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल तय की है, जहां इस पूरे प्रकरण पर आगे की दिशा स्पष्ट होगी।

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