वनवासी शब्द के इस्तेमाल को लेकर राहुल गांधी का आरएसएस और भाजपा पर निशाना, जाति जनगणना की मांग दोहराई

वडोदरा, 23 मार्च । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आदिवासियों के लिए ‘वनवासी’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यह शब्द इसलिए गढ़ा गया है, ताकि जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के मूल स्वामित्व को नकारा जा सके।

वडोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ‘आदिवासी’ शब्द का अर्थ भारत के मूल निवासियों से है, जबकि ‘वनवासी’ शब्द यह संकेत देता है कि वे इस भूमि के मूल स्वामी नहीं थे। उन्होंने कहा कि आदिवासियों को वनवासी कहना संविधान और महान आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की विचारधारा पर हमला है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जाति जनगणना की मांग को दोहराते हुए कहा कि यह आदिवासियों और अन्य वंचित वर्गों को देश की सत्ता और संसाधनों में उनका उचित हिस्सा दिलाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना से वास्तविक आबादी का पता चलेगा और नौकरशाही तथा कॉरपोरेट क्षेत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते के तहत कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया गया है, जिससे भारतीय किसानों और लघु एवं मध्यम उद्यमों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत में अधिकांश किसानों के पास छोटे खेत हैं, जबकि अमेरिका में बड़े और अत्यधिक मशीनीकृत कृषि फार्म हैं। ऐसे में यदि अमेरिकी उत्पाद बड़े पैमाने पर भारतीय बाजार में आए, तो देश के किसानों को गंभीर नुकसान हो सकता है।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी उत्पादों पर कर घटा रही है, जबकि घरेलू उत्पादों पर कर बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भारत अमेरिका से बड़े पैमाने पर सामान खरीदेगा, तो इससे देश की स्थानीय कंपनियों और उद्योगों पर दबाव बढ़ेगा।

राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों की जमीन अक्सर विकास के नाम पर बिना उचित मुआवजे के अधिग्रहित कर ली जाती है। उन्होंने आदिवासियों के लिए एक विशेष घोषणापत्र की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उनकी पार्टी गुजरात समेत पूरे देश में आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *