‘मन की बात’ एपिसोड-132 में पीएम मोदी का देशवासियों से आह्वान—अफवाहों से बचें, एकजुट रहें

नई दिल्ली, 29 मार्च 2026 (यूएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और उससे पैदा हुए वैश्विक संकट पर चिंता जताई। वर्ष 2026 के तीसरे प्रसारण में उन्होंने कहा कि “हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा है” और इसका असर पूरी दुनिया के साथ भारत पर भी पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में लाखों भारतीय काम कर रहे हैं और खाड़ी देशों ने एक करोड़ से अधिक भारतीयों को हर संभव मदद प्रदान की है। उन्होंने इसके लिए खाड़ी देशों का आभार भी व्यक्त किया।

पीएम मोदी ने कहा कि इस युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट गहराता जा रहा है, जिससे पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस कठिन समय में एकजुट रहें, अफवाहों से बचें और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें।

उन्होंने कहा, “यह 140 करोड़ देशवासियों के हितों से जुड़ा विषय है। इसमें स्वार्थी राजनीति की कोई जगह नहीं है। जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सभी नागरिक सतर्क रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और ईंधन आपूर्ति को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि देश में 5.3 मिलियन टन से अधिक का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व भी उपलब्ध है, जिसे और बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र भारत की ऊर्जा जरूरतों का प्रमुख स्रोत है। इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक व्यापार और ईंधन आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है। ईरान से करीब 1000 भारतीय, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं, सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर कई बड़ी घटनाओं का साक्षी रहा है। कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया के बेहतर भविष्य की उम्मीदें थीं, लेकिन लगातार उभरते युद्ध और संघर्षों ने हालात को जटिल बना दिया है।

अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे इस चुनौतीपूर्ण समय में धैर्य और एकजुटता बनाए रखें तथा अफवाहों से दूर रहकर देशहित में सहयोग करें।

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