नयी दिल्ली, 27 मार्च (UNS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को चुनावी राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर देश की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। यह बैठक डिजिटल माध्यम से आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री ने पहली बार इस मुद्दे पर मुख्यमंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा की। ईरान की ओर से इजराइल और खाड़ी देशों पर जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, जिसका असर वैश्विक हालात पर भी पड़ रहा है।
बैठक में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू समेत अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।
इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक में मौजूद रहे। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर राज्यों की तैयारियों और संभावित चुनौतियों की समीक्षा की तथा समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री आचार संहिता लागू होने के कारण इस बैठक में शामिल नहीं हो सके। वहीं, कैबिनेट सचिवालय तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक करेगा।
इससे पहले 25 मार्च को केंद्र सरकार ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक कर उन्हें पश्चिम एशिया की स्थिति की जानकारी दी थी और उठाए गए कदमों पर विस्तार से चर्चा की थी।
लोकसभा में 23 मार्च को दिए गए अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक हालात लंबे समय तक बने रह सकते हैं और देश को कोविड-19 महामारी की तरह एकजुट और तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा के पहलुओं पर विशेष ध्यान दिलाते हुए चेतावनी दी कि कुछ असामाजिक तत्व ऐसे हालात का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और तटीय, सीमावर्ती, साइबर तथा रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकारों से अफवाह फैलाने, कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर कड़ी निगरानी रखने तथा त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने देश की सामूहिक शक्ति पर विश्वास जताते हुए कहा कि जब हर सरकार और हर नागरिक मिलकर काम करता है, तो देश हर चुनौती का सामना करने में सक्षम होता है।
