नेट जीरो विज़न: सरोजनी नगर से हरित भविष्य की शुरुआत यूपी का पहला ‘ग्रीन शिफ्ट इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ घोषित

लखनऊ। सरोजनी नगर से हरित और सतत भविष्य की दिशा में एक अहम पहल करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने “द ग्रीन शिफ्ट” के अंतर्गत ‘नेट जीरो इंडस्ट्री’ अभियान का शुभारंभ किया है। उन्होंने इसे #NetZeroSarojiniNagar2040 के लक्ष्य की ओर एक संगठित और परिणाम-केंद्रित मॉडल बताया।

डॉ. सिंह ने कहा कि यह पहल केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का व्यावहारिक प्रयास है। इस मॉडल के तहत सरोजनी नगर के उद्योग और एमएसएमई हरित परिवर्तन के अग्रदूत बनेंगे।

उन्होंने बताया कि ‘नेट जीरो इंडस्ट्री’ इस व्यापक अभियान का नया स्तंभ है, जिसमें पहले से नेट जीरो स्कूल-कॉलेज, नेट जीरो सोसाइटी व आरडब्ल्यूए, नेट जीरो टाउनशिप और नेट जीरो गांव-सरोवर जैसी पहलें शामिल हैं। यह समग्र दृष्टिकोण शिक्षा, समाज, आवास और उद्योग को एकीकृत कर स्थानीय स्तर पर सतत विकास का मजबूत ढांचा तैयार कर रहा है।

ग्रीन शिफ्ट अवॉर्ड: यूपी में अपनी तरह की पहली पहल
डॉ. सिंह ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘ग्रीन शिफ्ट इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ की घोषणा की, जो 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाएगा। इस अवॉर्ड के तहत ₹5 लाख की पुरस्कार राशि दी जाएगी और हरित औद्योगिक प्रथाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्योग को सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश में ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए अपनी तरह का पहला पुरस्कार है, जो उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक रूप से हरित बदलाव अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

उद्योगों को मिलेगा नीति और वित्तीय सहयोग
डॉ. सिंह ने बताया कि सतत विकास अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। सरकार उद्योगों को ZED (Zero Defect Zero Effect) प्रमाणन, RAMP योजना, CGTMSE के तहत ऋण सुविधा, ग्रीन फाइनेंस और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के लिए सहयोग प्रदान कर रही है।

इन उपायों से उद्योग कम लागत में अधिक दक्षता हासिल कर सकेंगे और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को आर्थिक अवसर में बदल पाएंगे।

व्यवहारिक बदलाव पर जोर
इस पहल के तहत उद्योगों को सौर ऊर्जा अपनाने, जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग बढ़ाने, ऊर्जा दक्ष मशीनरी के उपयोग, हरित तकनीकों में निवेश और वृक्षारोपण जैसे कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

यह अभियान केवल नीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योगों के दैनिक संचालन में स्थायी बदलाव लाने का माध्यम बनेगा, जिससे पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित होगा।

स्वच्छ भविष्य का संकल्प
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि इस पहल का मूल उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल “ग्रीन लखनऊ” की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी और अन्य शहरों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगी।

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