लखनऊ, 18 मार्च 2026: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ में युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर सामने आए। प्रदेश के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मेले में 116 कंपनियों ने करीब 15,000 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया संचालित की।
मेले में कुल 8694 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 2527 युवाओं को जॉब ऑफर मिला। खास बात यह रही कि 494 युवतियों ने भी विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी हासिल कर महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल पेश की। वहीं ‘जीरो पावर्टी’ श्रेणी के 56 युवाओं को रोजगार मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया।
मेले में टाटा समूह, हीरो मोटोकॉर्प, स्वीगी और फ्लिपकार्ट सहित 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया और आईटीआई, पॉलिटेक्निक व कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षित युवाओं का इंटरव्यू लिया।
मंत्री का संबोधन और पहलें
कपिल देव अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और संवाद क्षमता से मिलती है। उन्होंने युवाओं को धैर्य रखने और बिना बेहतर अवसर के नौकरी न छोड़ने की सलाह दी।

इस दौरान तीन डिजिटल प्लेटफॉर्म—‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’—का शुभारंभ भी किया गया।
- कौशल दृष्टि ऐप से प्रशिक्षण केंद्रों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।
- कौशल दर्पण एआई आधारित डैशबोर्ड है, जो कौशल विकास से जुड़ी जानकारी एकीकृत रूप में उपलब्ध कराएगा।
- कौशल दोस्त चैटबॉट 24×7 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण, योजनाओं और रोजगार से जुड़ी जानकारी देगा।
कौशल विकास पर फोकस
प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने बताया कि प्रदेश में लगभग 350 आईटीआई संचालित हैं और इस वर्ष 22 नई आईटीआई तैयार हो चुकी हैं, जिनमें करीब 10,000 युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा। अगले सत्र में 30 और आईटीआई शुरू करने की योजना है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि मेले में क्यूआर कोड आधारित डिजिटल पंजीकरण की व्यवस्था की गई, जिससे अभ्यर्थियों को सुविधा मिली। चयनित उम्मीदवारों को उसी दिन ऑफर लेटर देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
आकर्षक वेतन और विविध अवसर
मेले में चयनित युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार 1.5 लाख रुपये वार्षिक से लेकर 35-40 हजार रुपये मासिक तक के आकर्षक वेतन पैकेज ऑफर किए गए।
कार्यक्रम में आईटीआई और कौशल विकास विभाग के अधिकारी, प्रधानाचार्य और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। यह रोजगार मेला प्रदेश सरकार की उस नीति को मजबूत करता है, जिसमें युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित न रखकर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में भी प्रेरित किया जा रहा है।
