दुबई, 12 मार्च (Agency)। अपने दिवंगत पिता की जगह संभालने के बाद ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने पहला बयान जारी करते हुए कहा है कि ईरान अपने खाड़ी अरब पड़ोसियों पर हमले जारी रखेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के रणनीतिक विकल्प का इस्तेमाल अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाने के लिए करेगा।
सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में 56 वर्षीय खामेनेई के संदेश को एक समाचार प्रस्तोता ने पढ़कर सुनाया। खामेनेई कैमरे के सामने नहीं आए। इजराइली आकलन के अनुसार युद्ध की शुरुआती गोलीबारी में वह घायल हो गए थे।
उन्होंने एक स्कूल पर हुए हमले में मारे गए 165 लोगों समेत युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने का संकल्प भी जताया। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि संघर्ष जारी रहने की संभावना बनी हुई है। इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है तथा ईरान के नेतृत्व, सैन्य ढांचे और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी भारी असर पड़ा है।
युद्ध शुरू होने के बाद से खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। फारस की खाड़ी में पोत परिवहन और ऊर्जा अवसंरचना पर ईरान के लगातार हमलों के कारण बृहस्पतिवार को तेल की कीमतें फिर से 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं।
अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों से ईरान को भारी नुकसान हुआ है और युद्ध समाप्त होने के स्पष्ट संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले के साथ इस संघर्ष की शुरुआत की थी।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा है कि जब तक ईरान को भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तब तक उसके हमले जारी रहेंगे।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “काम पूरा करने” का वादा किया है, हालांकि उन्होंने दावा किया कि ईरान लगभग पूरी तरह से नष्ट हो चुका है।
उधर ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने लेबनान से उत्तरी इजराइल की ओर लगभग 200 रॉकेट दागे। इसके जवाब में इजराइल ने तेहरान और लेबनान के कुछ हिस्सों पर फिर से हमले किए, जिनमें 11 लोगों की मौत हो गई।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, ईरान में जारी युद्ध के कारण लगभग 32 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश लोग तेहरान और अन्य बड़े शहरों से निकलकर देश के उत्तरी भागों या ग्रामीण इलाकों की ओर चले गए हैं। वहीं लेबनान में भी कम से कम 7,59,000 लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हो चुके हैं।
इजराइल की सेना ने बृहस्पतिवार को दक्षिणी लेबनान के एक बड़े क्षेत्र के निवासियों को घर खाली करने की चेतावनी दी और उन्हें जहरानी नदी के उत्तर की ओर जाने को कहा, जो इजराइल की सीमा से लगभग 56 किलोमीटर दूर है।
ईरानी अधिकारियों ने फिलहाल पीछे हटने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। इससे पहले राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने संकेत दिया था कि युद्ध समाप्त करने के लिए दुनिया को ईरान के “वैध अधिकारों” को स्वीकार करना होगा, हर्जाना देना होगा और भविष्य में हमलों के खिलाफ सुरक्षा की गारंटी देनी होगी।
