ईरान के नए हमलों से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, इजराइल और खाड़ी देशों में सायरन

दुबई, 10 मार्च (Agency)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने मंगलवार को दबाव बनाने की रणनीति के तहत इजराइल और खाड़ी देशों पर नए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी इसका असर पड़ा है।

संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में मिसाइल हमले की चेतावनी वाले सायरन बजने लगे, जबकि बहरीन में अधिकारियों ने बताया कि राजधानी में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाए जाने से 29 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए।

सऊदी अरब ने कहा कि उसने अपने तेल समृद्ध पूर्वी क्षेत्र में दो ड्रोन मार गिराए, जबकि कुवैत के नेशनल गार्ड ने छह ड्रोन नष्ट करने का दावा किया। संयुक्त अरब अमीरात के औद्योगिक शहर रुवैस में एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र के पास ड्रोन हमले के बाद आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकलकर्मी घंटों तक प्रयास करते रहे।

उधर यरुशलम और तेल अवीव में भी सायरन बजने लगे और विस्फोटों की आवाज सुनी गई, क्योंकि इजराइल की रक्षा प्रणालियां ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने का प्रयास कर रही थीं।

इस बीच पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ईरान के भीतर हमलों को और तेज कर सकता है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और तीव्र हो सकती है।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा कि उनका देश फिलहाल संघर्षविराम के पक्ष में नहीं है और हमलावरों को कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने भी अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी।

संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें सोमवार को बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट आई और मंगलवार को यह लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही।

ईरान ने रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। यह मार्ग फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित है और इसके जरिए दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है।

अधिकारियों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में लगभग 1,230, लेबनान में 397 और इजराइल में 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। क्षेत्र में बढ़ते हमलों के कारण पश्चिम एशिया में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।

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