ऋषिकेश, 16 मार्च। उत्तराखंड के ऋषिकेश में सोमवार से सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 की शुरुआत हो गई। मुनि की रेती स्थित गंगा रिजॉर्ट में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि एक समग्र जीवन पद्धति है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने वाला मार्ग है और आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती थकान और तनाव से मुक्ति पाने के लिए यह सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत युवाओं के लिए योग शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने योग को भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि हजारों वर्ष पहले ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से तन, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वही पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन और मानसिक शांति का आधार बन गया है। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और आज 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि योगभूमि भी है और ऋषिकेश को आज विश्व की “योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योग नीति-2025 लागू की है जिसके तहत प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही हर जिले में 50 और 10 बिस्तरों वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं।
धामी ने कहा कि योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है।
गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्वभर में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस वर्ष महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा ‘रन फॉर योग’, ‘हेरिटेज वॉक’ और अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे विशेष कार्यक्रम भी होंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड खोज योजना’ की भी शुरुआत की।
प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि योग आज स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रहा है। वहीं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग के माध्यम से स्वास्थ्य के साथ मानसिक शांति भी प्राप्त की जा सकती है।
