इंडिया फूड एक्सपो एवं सेमिनार उत्तर प्रदेश को फूड प्रोसेसिंग हब बनाने की दिशा में अहम कदम: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 16 जनवरी- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख फूड प्रोसेसिंग हब बनाना है। किसानों, युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इंडिया फूड एक्सपो एवं सेमिनार जैसे आयोजन निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर सृजित करते हैं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को साकार करने में सहायक हैं।

खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा आयोजित इंडिया फूड एक्सपो एवं सेमिनार में उप मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, विभिन्न स्टॉलों पर जाकर नवाचारों की जानकारी ली और सेमिनार में प्रतिभाग कर मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यह आयोजन ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 को निवेशकों के अनुकूल बनाया गया है, जिससे कृषि और उद्योग के बीच मजबूत सेतु स्थापित हुआ है। नीति के तहत भूमि खरीद, स्टाम्प शुल्क, मंडी शुल्क, बाह्य विकास शुल्क और भूमि उपयोग परिवर्तन में व्यापक छूट दी जा रही है। संयंत्र, मशीनरी और तकनीकी सिविल कार्यों पर 35 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है। कोल्ड चेन, वैल्यू एडिशन, रीफर वाहन, सोलर ऊर्जा और नियंत्रित परिवहन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक नीति के अंतर्गत 1,481 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 426 इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। 289 परियोजनाओं को 387 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिला है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना असंगठित खाद्य उद्योगों को संगठित और आधुनिक बनाने में प्रभावी सिद्ध हो रही है। योजना के तहत सूक्ष्म इकाइयों को 35 प्रतिशत तक क्रेडिट-लिंक्ड अनुदान, स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ और सहकारिताओं को कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर तथा ब्रांडिंग में सहायता दी जा रही है। ‘एक जनपद–एक उत्पाद’ और क्लस्टर आधारित विकास पर विशेष फोकस किया गया है।

उन्होंने बताया कि PMFME योजना के अंतर्गत प्रदेश में 21,000 से अधिक इकाइयों को ऋण स्वीकृत किया गया है। वर्ष 2025–26 में 5,101 उद्यमियों को ऋण देकर उत्तर प्रदेश ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है तथा 246 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की गई है।

मौर्य ने कहा कि 14 जनपदों में कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनके संचालन में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। कुकरी, बेकरी और कन्फेक्शनरी में विशेष दो-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर 50 प्रतिशत तक (एक लाख रुपये तक) अनुदान दिया जा रहा है।

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