अमेरिका-ईरान सीजफायर का असर: कच्चे तेल की कीमतों में 6% की बड़ी गिरावट

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखा है। तनाव कम होने की उम्मीद के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल डिलीवरी वाले कच्चे तेल के वायदा भाव में 640 रुपये (6%) की गिरावट आई और यह 10,029 रुपये प्रति बैरल के निचले सर्किट स्तर पर पहुंच गया। वहीं, मई डिलीवरी वाला अनुबंध भी 565 रुपये (6%) टूटकर 8,860 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।

वैश्विक बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। मई डिलीवरी वाला वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल करीब 15% गिरकर 95.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि जून डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड लगभग 13% गिरकर 94.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और आपूर्ति बाधित होने की आशंका घटने से बाजार में तेज बिकवाली हुई। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद ने कीमतों पर दबाव डाला है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लगभग पांचवें हिस्से के लिए बेहद अहम माना जाता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि युद्धविराम के बाद ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल स्थगित किया जाएगा। वहीं, ईरान की ओर से भी इस अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन की अनुमति देने के संकेत मिले हैं।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में शांति बनी रहती है, तो आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में और स्थिरता देखी जा सकती है।

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