हिमंत ‘सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री’; मोदी, शाह के साथ मिलकर असम में ‘लैंड एटीएम’ चला रहे : राहुल गांधी

बोकाजान/टीटाबार (असम), 2 अप्रैल (UNS)। राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को भारत का “सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” बताते हुए आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर राज्य में “लैंड एटीएम” चला रहे हैं और आम लोगों से जमीन छीनकर बड़े उद्योगपतियों को दे रहे हैं।

कार्बी आंगलोंग और जोरहाट जिलों में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि लोगों की जमीन बड़े पैमाने पर अधिग्रहित कर निजी कंपनियों को सौंपी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर इन मामलों की जांच कराएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राहुल गांधी ने कहा, “भारत के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा हैं और उनका परिवार भी भ्रष्टाचार के मामले में पहले नंबर पर है। कांग्रेस सरकार बनने पर कानून अपना काम करेगा और कार्रवाई जरूर होगी।”

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने दावा किया कि असम में तीन बड़े कॉरपोरेट घरानों को कुल 98,400 बीघा जमीन सौंप दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार गिरोहों के माध्यम से काम कर रही है और भ्रष्टाचार के कारण मुख्यमंत्री पर केंद्रीय नेतृत्व की सख्त निगरानी है।

कांग्रेस नेता ने प्रसिद्ध संगीतकार जुबिन गर्ग का जिक्र करते हुए कहा कि वह असम की भावना और बहुसांस्कृतिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करते थे। उन्होंने उनकी मृत्यु के मामले में सत्ता में आने पर 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

इस दौरान राहुल गांधी ने असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र भी जारी किया, जिसमें शासन, पहचान और स्वास्थ्य सेवा सहित 11 प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकेंद्रीकरण में विश्वास करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य को दिल्ली से संचालित करने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस नेता ने चाय बागान श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरा और कहा कि पिछली बार किए गए वादे पूरे नहीं किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का वादा भी अब तक पूरा नहीं हुआ है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि यह समझौता भारत के हित में नहीं है और इससे छोटे उद्योगपतियों तथा व्यापारियों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर आम जनता, महिलाओं और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगी।

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान नौ अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

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