नई दिल्ली। भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की 107वीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे देश के इतिहास का सबसे काला और दर्दनाक अध्याय बताया।
हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि वह इस घटना में मारे गए अनगिनत निर्दोष लोगों के प्रति गहरे सम्मान के साथ अपना सिर झुकाते हैं। उन्होंने कहा कि यह त्रासदी केवल क्रूरता का एक कृत्य नहीं थी, बल्कि भारत की आत्मा पर गहरा घाव थी।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस दर्दनाक घटना से ही देश में एकजुटता और आजादी के लिए मजबूत संकल्प पैदा हुआ, जिसने औपनिवेशिक शासन की बेड़ियों को तोड़ने की राह तैयार की। उन्होंने शहीदों को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा मार्गदर्शक बना रहेगा।
गौरतलब है कि 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग में बैसाखी के अवसर पर हजारों लोग एकत्रित थे। इसी दौरान ब्रिटिश अधिकारी रेजिनाल्ड डायर के नेतृत्व में सैनिकों ने बिना चेतावनी भीड़ पर गोलियां चला दीं।
करीब 10 से 15 मिनट तक चली अंधाधुंध फायरिंग में सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। आधिकारिक आंकड़ों में 379 लोगों की मौत बताई गई, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक मानी जाती है।
यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक मोड़ साबित हुई, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया और आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी।
