खरात मामले में सीडीआर लीक की जांच करेगी सरकार, संपत्ति की पड़ताल का मामला ईडी को : फडणवीस

नासिक, पांच अप्रैल (UNS): महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को आश्वासन दिया कि ‘स्वयंभू बाबा’ अशोक खरात से जुड़े मामले में कथित कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) लीक होने की जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी की संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपी जाएगी।

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया द्वारा खरात और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच कथित बातचीत का खुलासा किए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को इस तरह के कॉल डेटा रिकॉर्ड प्राप्त करने का अधिकार नहीं है और केवल अधिकृत एजेंसियां ही ऐसा कर सकती हैं।

अंजलि दमानिया ने दावा किया था कि उन्हें खरात से जुड़ा सीडीआर व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से प्राप्त हुआ था। ‘स्वयंभू बाबा’ और ज्योतिषी अशोक खरात को मार्च में उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब एक विवाहित महिला ने उन पर तीन वर्षों तक बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। अब तक उनके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।

जांच के दौरान यौन उत्पीड़न, जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं सहित कई अपराधों के संकेत मिले हैं। गिरफ्तारी के बाद खरात की तस्वीरें महाराष्ट्र के कई प्रमुख नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खरात के मंदिर का दौरा भी किया था।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “अशोक खरात मामले में सीडीआर लीक होने की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह डेटा कैसे और किसने लीक किया, इसकी विस्तृत जांच राज्य सरकार कराएगी।”

उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में केवल आरोप पर्याप्त नहीं होते और ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ईडी ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है और खरात के बैंक खातों तथा लेन-देन की पहचान कर ली गई है।

फडणवीस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही जांच पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों का भरोसा बढ़ने के कारण अधिक से अधिक लोग जानकारी देने के लिए सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में लगभग एक दर्जन मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

दमानिया ने दावा किया था कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें सबसे लंबी बातचीत 21 मिनट तक चली। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता रूपाली चकणकर और खरात के बीच 177 बार फोन पर बातचीत हुई थी।

इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता सुनील तटकरे ने कहा कि विकृत प्रवृत्ति वाले अपराधियों के खिलाफ त्वरित अदालतों में मुकदमा चलाया जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से एसआईटी के माध्यम से गहन जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

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