छोटे कारोबारियों की समृद्धि से ही देश खुशहाल बनेगा: अखिलेश यादव

आगरा, 14 जून (यूएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि जब तक छोटे कारोबारी और व्यापारिक वर्ग आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश वास्तविक खुशहाली की राह पर आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों की समस्याओं को समझे बिना देश के विकास का कोई भी विजन अधूरा रहेगा।

रविवार को आगरा में आयोजित ‘विजन इंडिया (पीडीए)’ संगोष्ठी को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वह छोटे कारोबारियों की परेशानियों और चुनौतियों को समझने के लिए आगरा आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत को नए स्वरूप में विकसित करना है तो इसकी शुरुआत इस सवाल से करनी होगी कि आखिर छोटे कारोबार क्यों बर्बाद हो रहे हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि छोटे व्यापारियों की समस्याओं, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझने के लिए उन्हें विभिन्न श्रेणियों में विभाजित कर उनकी जरूरतों का अध्ययन करना होगा। उन्होंने कहा कि कारोबार की प्रकृति और उससे जुड़ी चुनौतियों को समझे बिना समाधान संभव नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी उद्यमियों, पेशेवरों और बुद्धिजीवियों को ‘विजन इंडिया’ अभियान से जोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पीडीए संवाद इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से लोगों की राय और सुझाव लिए जा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के दौरान प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, मेट्रो परियोजना, संग्रहालय और अन्य विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपनों को साकार किया।

उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे राज्य के बजट से रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया था। उस समय वित्तीय चुनौतियां थीं और बैंकों का अपेक्षित सहयोग भी नहीं मिल रहा था, लेकिन सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ परियोजना को पूरा किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि ‘विजन इंडिया’ कार्यक्रम की शुरुआत गाजियाबाद से की गई थी, जहां किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि “जब खेत मुस्कुराएगा, तब देश मुस्कुराएगा” और देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव कृषि तथा उससे जुड़े छोटे उद्योगों और कारोबारों पर ही आधारित है।

उन्होंने कहा कि कृषि, लघु उद्योग और छोटे व्यापार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन्हें मजबूत किए बिना समग्र आर्थिक विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

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