आजमगढ़/लखनऊ, 13 जून 2026 (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बेटियों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
शनिवार को आजमगढ़ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटियों को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा, “बेटी तो बेटी होती है। हम उस परंपरा में पले-बढ़े हैं जहां गांव की बेटी पूरे गांव की बेटी और गांव की बहन पूरे गांव की बहन मानी जाती है। विकास और सुरक्षा के मामलों में सरकार ने कभी कोई भेदभाव नहीं किया है।”
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को भी नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों को सीख देने से पहले अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भाषा की मर्यादा और संस्कार सिखाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता और संयम बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अच्छा होगा कि अखिलेश जी अपने चेले-चपाटों को समझा लें। यदि वे उन्हें नहीं समझा पा रहे हैं तो उन्हें हमारे हवाले कर दें, हम उन्हें अच्छी तरह समझा देंगे।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन महिलाओं, बेटियों, बुजुर्गों, दिवंगत व्यक्तियों और वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग होना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सार्वजनिक विमर्श की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री के इस बयान को महिला सम्मान और सुरक्षा के प्रति सरकार की सख्त नीति तथा संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
