जनप्रतिनिधियों की ईमानदार छवि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत : महाना

लखनऊ/चंडीगढ़, 9 जून (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल कानून बनाना ही नहीं, बल्कि जनता के बीच विधायिका के प्रति विश्वास स्थापित करना भी है। उन्होंने कहा कि विधायकों की ईमानदार और जनोन्मुखी छवि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता का आधार होती है तथा जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ही लोकतंत्र की वास्तविक जीवनरेखा है।

सतीश महाना ने यह विचार चंडीगढ़ में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) जोन-3 के तीन दिवसीय सम्मेलन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त और प्रभावी बन सकता है, जब जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरें और उनके विश्वास को बनाए रखें। लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्षों और संसदीय प्रतिनिधियों को अपने अनुभव और विचार साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे संसदीय परंपराओं को मजबूत करने तथा विधायी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में सहायता मिलती है।

विधानसभा अध्यक्ष ने लोकतंत्र के समक्ष उपस्थित समकालीन चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलते समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा, पारदर्शिता और जनता का विश्वास बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

सम्मेलन के एक महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता करते हुए श्री महाना ने संसदीय मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष तथा विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्षों ने उनकी कार्यशैली और नेतृत्व की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विधानसभा की छवि राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त तथा सकारात्मक हुई है।

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विधायिका हुई और अधिक सशक्त

महाना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विधायिका और अधिक सशक्त हुई है तथा प्रदेश ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और विधायिका के बीच बेहतर समन्वय के कारण उत्तर प्रदेश आज सुशासन, विकास और प्रभावी लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।

सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राज्यसभा के उपसभापति डॉ. हरिवंश, हरियाणा के संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां तथा जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर सहित विभिन्न राज्यों के विधानसभा सदस्य उपस्थित रहे।

सम्मेलन में विभिन्न राज्य विधानमंडलों के सचिवों ने भी भाग लिया।

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