लखनऊ, 03 जून 2026 (यूएनएस)। लखनऊ नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को सरोजनीनगर तहसील के ग्राम रहिमाबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 18 करोड़ 75 लाख रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। श्मशान, कब्रिस्तान और वृक्षारोपण के लिए आरक्षित भूमि पर अवैध प्लाटिंग किए जाने तथा अस्थायी बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जे की कोशिश की शिकायत मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जांच में सामने आया कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज सरकारी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से प्लाटिंग कर भूमि बेचने की तैयारी की जा रही थी। इसके अलावा बाउंड्रीवाल बनाकर जमीन पर कब्जा स्थापित करने का प्रयास भी किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार खसरा संख्या 1279, 1286, 1385, 958, 959 और 960 से संबंधित कुल 1.250 हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। मुक्त कराई गई भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 18.75 करोड़ रुपये बताया गया है।
नगर निगम और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध प्लाटिंग तथा अस्थायी बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया। अभियान के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे और कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
यह कार्रवाई अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और उपजिलाधिकारी सरोजनीनगर अंकित शुक्ला के निर्देशन में की गई। प्रभारी अधिकारी (सम्पत्ति) रामेश्वर प्रसाद तथा नगर निगम के तहसीलदार अरविंद पांडेय ने मौके पर अभियान की निगरानी की। इस दौरान नगर निगम, राजस्व विभाग और प्रवर्तन दल के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सार्वजनिक हित की भूमि को सुरक्षित रखने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएंगे।
