नई दिल्ली, 03 जून 2026 (यूएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपने स्वर्ण भंडार में कमी और सोना बेचने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह गलत बताते हुए स्पष्ट किया है कि देश का कुल स्वर्ण भंडार 880.52 मीट्रिक टन पर स्थिर बना हुआ है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा के लिए अरबों डॉलर मूल्य का सोना बेचने की खबरें तथ्यहीन और भ्रामक हैं।
आरबीआई ने बुधवार को जारी अपने बयान में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच केंद्रीय बैंक ने लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सोना बेचा है। आरबीआई ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसके भौतिक स्वर्ण भंडार में किसी प्रकार की कमी नहीं आई है।
केंद्रीय बैंक ने निवेशकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अपुष्ट खबरों के आधार पर निष्कर्ष न निकालें।
पीआईबी ने भी किया फैक्ट-चेक
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने भी इन दावों का तथ्य-परीक्षण करते हुए उन्हें भ्रामक बताया है। पीआईबी के अनुसार, आरबीआई के स्वर्ण भंडार में किसी प्रकार की गिरावट नहीं हुई है और सोशल मीडिया तथा कुछ रिपोर्टों में प्रसारित जानकारी सही नहीं है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ विवाद
यह विवाद एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों को अधिक तरल बनाए रखने के उद्देश्य से सोने का एक हिस्सा बेचा हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि आरबीआई ने मई 2026 के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचकर 7.5 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां खरीदीं।
हालांकि आरबीआई ने स्पष्ट किया कि उसके आधिकारिक आंकड़े इन दावों का समर्थन नहीं करते हैं।
स्वर्ण भंडार में हुई मामूली बढ़ोतरी
आरबीआई के अनुसार 31 मार्च 2026 तक भारत का कुल स्वर्ण भंडार 880.52 मीट्रिक टन था, जबकि 31 मार्च 2025 को यह 879.58 मीट्रिक टन था। इस प्रकार एक वर्ष में स्वर्ण भंडार में 0.94 मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह तथ्य स्वयं साबित करता है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सोने की बिक्री नहीं हुई, बल्कि भंडार में वृद्धि हुई है।
कहां रखा गया है भारत का सोना
आरबीआई के मुताबिक कुल 880.52 मीट्रिक टन स्वर्ण भंडार में से 312.32 मीट्रिक टन सोना ‘इश्यू विभाग’ के पास है, जबकि 568.20 मीट्रिक टन सोना ‘बैंकिंग विभाग’ के अंतर्गत सुरक्षित रखा गया है।
केंद्रीय बैंक ने यह भी बताया कि स्वर्ण भंडार का एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जैसे Bank of England और Bank for International Settlements के पास सुरक्षित रखा जाता है। हालांकि हाल के वर्षों में भारत ने अपने स्वर्ण भंडारण का बड़ा हिस्सा देश के भीतर भी स्थानांतरित किया है।
विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ रही है सोने की हिस्सेदारी
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। सितंबर 2025 के अंत में यह 13.92 प्रतिशत थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई। 22 मई 2026 तक यह हिस्सा 16.85 प्रतिशत दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान दर्शाता है कि आरबीआई अपनी निवेश रणनीति में विविधता बनाए रखते हुए सोने को महत्वपूर्ण सुरक्षा परिसंपत्ति के रूप में महत्व दे रहा है।
आरबीआई ने अंत में दोहराया कि विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण भंडार से जुड़ी सभी सूचनाएं नियमित रूप से उसकी आधिकारिक रिपोर्टों के माध्यम से सार्वजनिक की जाती हैं और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इन्हीं स्रोतों पर भरोसा किया जाना चाहिए।
