लखनऊ, 02 जून (यूएनएस)। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एलसीटीएसएल) में कार्यरत सैकड़ों संविदा परिचालकों ने मंगलवार को निजी फर्म में समायोजन के विरोध में हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और परिवहन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई। बाद में पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शन कर रहे संविदा परिचालकों का आरोप है कि उन्हें परिवहन विभाग के अधीन कार्य करने के बजाय निजी कंपनी एसएस एंटरप्राइजेज में समायोजित किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस फैसले से उनकी नौकरी की सुरक्षा और सेवा शर्तों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
संविदा परिचालकों के अनुसार उनकी भर्ती वर्ष 2021 में लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड में हुई थी और पिछले करीब पांच वर्षों से वे नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हाल ही में उन्हें सूचना दी गई कि उनका समायोजन निजी कंपनी में किया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में भी लगातार सेवाएं दीं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर अतिरिक्त ड्यूटी कर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा, लेकिन अब उन्हें बिना किसी स्पष्ट सुरक्षा और गारंटी के निजी कंपनी के अधीन किया जा रहा है।
संविदा परिचालकों का कहना है कि निजी कंपनी में समायोजन से उनकी नौकरी की स्थिरता, वेतन संरचना, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य सेवा लाभों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे उनके परिवारों के सामने भी आर्थिक असुरक्षा की स्थिति पैदा हो सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उनका समायोजन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) अथवा परिवहन विभाग के अन्य उपक्रमों में किया जाए। उनका कहना है कि यदि विभाग में परिचालकों की आवश्यकता है तो नई भर्ती करने के बजाय पहले से कार्यरत अनुभवी संविदा कर्मियों को ही समायोजित किया जाए।
संविदा परिचालकों ने सरकार और परिवहन मंत्री से हस्तक्षेप कर निजी फर्म में समायोजन संबंधी आदेश निरस्त करने तथा उनकी सेवाएं पूर्ववत जारी रखने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में परिवहन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
