मुंबई में महापौर पद को लेकर सस्पेंस बरकरार, शिंदे गुट के पार्षद होटल में ठहराए जाएंगे

मुंबई, 17 जनवरी : बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अगले महापौर को लेकर राजनीतिक रहस्य और गहराता जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को शनिवार को शहर के एक आलीशान होटल में स्थानांतरित करने का फैसला किया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह कदम पार्षदों को चुनावी थकान से उबारने और आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए उठाया गया है।

शुक्रवार को हुई मतगणना में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के गठबंधन ने 227 सदस्यीय बीएमसी में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। भाजपा को 89 सीटें मिलीं, जबकि शिवसेना (शिंदे) ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके बावजूद महापौर पद को लेकर सियासी अटकलें तेज हैं।

इस बीच, बीएमसी चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान ने सस्पेंस को और बढ़ा दिया। ठाकरे ने कहा कि यदि “देवा” (ईश्वर) की इच्छा हुई तो मुंबई का महापौर उनकी पार्टी का हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन करने वाली शिवसेना (उबाठा) को खत्म करने में नाकाम रही है।

शिंदे गुट के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्षदों को बांद्रा स्थित एक पांच सितारा होटल में ठहराया जा रहा है, ताकि वे व्यस्त चुनावी माहौल के बाद खुद को “तरोताजा” कर सकें। पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि पार्षदों को कुछ दिनों तक होटल में रखा जाएगा और इस दौरान उन्हें “प्रशिक्षण” भी दिया जाएगा।

उद्धव ठाकरे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि ‘देवा’ से उनका मतलब ऊपर वाले भगवान से है या उनसे। उन्होंने कहा, “मुझे भी लोग ‘देवा’ कहते हैं, इसलिए पूछ रहा हूं।” फडणवीस ने यह भी जोड़ा कि “ऊपर वाले भगवान ने तय कर दिया है कि महापौर महायुति का ही होगा।”

वहीं, शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि विपक्ष के पास पार्षदों की मजबूत संख्या है। उन्होंने कहा, “हम चाहें तो उन्हें कभी भी कुर्सी से हटा सकते हैं, लेकिन हम लोकतंत्र का सम्मान करते हैं।”

बीएमसी चुनाव में शिवसेना (उबाठा) को 65 सीटें मिली हैं, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने छह सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाडी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए 24 सीटें हासिल कीं। इसके अलावा, एआईएमआईएम को आठ, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और राकांपा (शरद पवार गुट) को एक सीट मिली है।

स्पष्ट बहुमत के बावजूद महापौर पद को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान से मुंबई की सियासत में फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है।

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