कांग्रेस के विरोध के बावजूद हिंदू और सिख शरणार्थियों को दी जाएगी नागरिकता : अमित शाह

हरिद्वार, 7 मार्च : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस के विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देगी।

हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि सरकार केदारनाथ से लेकर कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर निकालेगी। यह कार्यक्रम उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर ‘जन जन की सरकार, चार साल बेमिसाल’ थीम के तहत आयोजित किया गया था।

शाह ने कहा कि जब नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू किया गया था, तब कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को इसी वजह से आजादी के बाद से नागरिकता से वंचित रखा गया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “इस देश पर बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का उतना ही अधिकार है, जितना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का है।”

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अपने धर्म और परिवार की महिलाओं की अस्मिता की रक्षा के लिए यातनाएं सहकर भारत आए इन शरणार्थियों को नागरिकता देकर ही रहेंगे।

शाह ने कार्यक्रम में अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आए लगभग 162 शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने पर बधाई भी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हर मुद्दे पर नकारात्मकता फैलाते हैं और घुसपैठियों को बाहर निकालने तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का भी विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना जरूरी है और भारतीय जनता पार्टी चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर अभियान का समर्थन करती है।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने, सीएए कानून लागू करने, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, महाकाल लोक तथा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।

उन्होंने हाल में लागू नई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय संहिता बताते हुए कहा कि अंग्रेजों के बनाए 150 साल पुराने कानूनों को बदल दिया गया है और यह व्यवस्था 2028 तक पूरी तरह लागू हो जाएगी। इसके बाद किसी भी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर उच्चतम न्यायालय तक पूरी न्यायिक प्रक्रिया अधिकतम तीन वर्षों में पूरी हो सकेगी।

शाह ने कहा कि 2024 के आम चुनावों और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद अब 2026 में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि 2027 में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करेगी।

उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र से केवल 54 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान राज्य को अब तक एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मिल चुकी है।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने 1129.91 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, भाजपा के वरिष्ठ नेता और संत समाज के कई प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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